डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय में हुए विविध आयोजन, तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप और करियर को लेकर विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन
शहपुरा। शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में बुधवार को स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं महाविद्यालय के समस्त संकायों के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तकनीक, अनुसंधान, नवाचार, करियर, स्टार्टअप एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य पी.एस. बरकड़े के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम संयोजक डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे हुई।
तकनीक और नवाचार पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार’ विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान एवं पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी दौर में अनुसंधान और नवाचार की भूमिका से अवगत कराया गया। इसके बाद आयोजित कैरियर परामर्श सत्र में विद्यार्थियों को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई।
तीसरे सत्र में ‘सतत विकास के साथ टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और इंटरप्रेन्योरशिप’ विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
हैकाथॉन और कोडिंग प्रतियोगिता बनी आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण हैकाथॉन एवं कोडिंग प्रतियोगिता रही। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी तकनीकी समझ, तार्किक क्षमता और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और समस्या समाधान की दिशा में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
महाविद्यालय परिसर में प्रौद्योगिकी संबंधी पुस्तकों का मेला एवं प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।
युवा देश की सबसे बड़ी पूंजी : बरकड़े
प्राचार्य पी.एस. बरकड़े ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। तकनीक, नवाचार और नए विचारों के माध्यम से युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सह-संयोजक डॉ. ए.के. राय सहित डॉ. प्रीति नेगी, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. बसंती चौहान, डॉ. कल्पना सागर, डॉ. राजू रैदास, डॉ. प्रतिभा उरमलिया, डॉ. परमेश कुमार साकेत एवं विशाल राजपूत का सहयोग रहा।
इस अवसर पर भगवत सिंह धुर्वे, डॉ. एल.एन. साहू, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. सी.एल. रैदास, डॉ. रश्मि चक्रवर्ती, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. सुरेन्द्र नागले, डॉ. अनिल कुमार झारिया, डॉ. टी.पी. साहू, कैलाश सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







