डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
डिंडौरी। डिंडौरी एवं उमरिया जिले की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ अमोलेश्वरधाम (अमोलखोह) आश्रम में गुरुपूर्णिमा महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु आश्रम पहुंचे और अपने सद्गुरु श्री श्री 1008 श्री भगतगिरी बच्चू बाबा जी महाराज का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
महापर्व का शुभारंभ महंत श्री रतनगिरी महाराज द्वारा विधि-विधान से गुरु पूजन एवं भव्य आरती के साथ हुआ। इसके बाद पूज्य भगतगिरी बच्चू बाबा जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी एवं अमृतमय प्रवचनों में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा। भजन-कीर्तन की मधुर स्वर-लहरियों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे और “जय गुरुदेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आश्रम में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही और दर्शन-पूजन का क्रम लगातार चलता रहा।

कार्यक्रम के समापन पर कन्या-भोजन, संत-भोजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में आश्रम समिति एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
गुरुपूर्णिमा महोत्सव में डिंडौरी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से आए संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पूरे दिन अमोलेश्वरधाम आश्रम में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने गुरुपूर्णिमा महापर्व को यादगार बना दिया।








