शहडोल। उप पंजीयक कार्यालय सोहागपुर में पदस्थ उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) सचिन जैन के खिलाफ नियमों की धज्जियाँ उड़ाने, पद का दुरुपयोग करने और आम नागरिकों व पक्षकारों से खुलेआम अवैध वसूली करने के बेहद गंभीर मामले सामने आए हैं। मध्य प्रदेश सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन और पारदर्शी सुशासन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए सोहागपुर पंजीयन कार्यालय में भ्रष्टाचार का खेल बेधड़क जारी है, जिससे परेशान होकर अब जिले के समस्त सेवा प्रदाताओं (दस्तावेज नवीसों) ने मोर्चा खोल दिया है।

तीन बड़े तरीकों से खेला जा रहा अवैध वसूली का खेल:
आवासीय भूखंडों को जबरन ‘व्यावसायिक’ बताकर वसूली:
शिकायत के अनुसार, जो जमीनें स्पष्ट रूप से ‘आवासीय’ श्रेणी की हैं, उन्हें जानबूझकर ‘व्यावसायिक’ दर्शाकर अत्यधिक बाजार मूल्य और मनमाना स्टाम्प शुल्क निर्धारित किया जा रहा है। बाद में प्रकरण को सही करने और रेट कम करने के नाम पर पक्षकारों से मोटी रकम ऐंठी जाती है।
जिओ टैगिंग (Sampada 2) का दुरुपयोग व 50% हिस्सेदारी का दबाव:
संपदा-2 (Sampada 2) गाइडलाइन के तहत स्थल खसरे और कॉलोनियों की भू-जिओ टैगिंग की प्रक्रिया में जानबूझकर अनावश्यक आपत्तियाँ लगाई जा रही हैं। जिओ टैगिंग को वास्तविक स्थिति के अनुरूप करने के बजाय दबाव बनाकर अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि प्लॉटिंग क्षेत्र में शेष वार्ड की लगी ड्यूटी बढ़ाने की धमकी देकर अंतर की राशि में से 50 प्रतिशत तक की अवैध मांग की जाती है।
सहखातेदार व संयुक्त खातों के पंजीयन में मानसिक-आर्थिक प्रताड़ना:
सहखातेदार और संयुक्त खातों के पंजीयन मामलों में नियमों की गलत व्याख्या करके बेवजह अड़ंगे लगाए जाते हैं और फाइलों को लंबित रखा जाता है। कार्य पूर्ण करने के एवज में खुल्लम-खुल्ला अवैध धनराशि की मांग कर आम जनता को आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

कमिश्नर और कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग, कलमबंद हड़ताल की चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्त सेवा प्रदाताओं ने कमिश्नर (शहडोल संभाग) और कलेक्टर (जिला शहडोल) को ज्ञापन सौंपकर उप पंजीयक सचिन जैन के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराने और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
सेवा प्रदाताओं ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
जांच तक पद से हटाना: निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उप पंजीयक सचिन जैन को जांच अवधि के दौरान पंजीयन कार्य से तत्काल पृथक किया जाए और सोहागपुर का प्रभार जैसिंगनगर उप पंजीयक को सौंपा जाए।
सघन समीक्षा व जांच: पूर्व में मूल्यांकित किए गए आवासीय/व्यावसायिक प्रकरणों, जिओ टैगिंग मामलों और संयुक्त खातों के विवादित प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

कठोर वैधानिक कार्रवाई:
आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
कलमबंद हड़ताल पर जाने को मजबूर सेवा प्रदाता
शिकायतकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं (जिनमें राजेश कुमार मिश्रा, मो. सैफ अंसारी, आकाशदीप त्रिपाठी, शिवम सिंह, प्रकाश द्विवेदी, अंकित दुबे सहित दर्जनों सेवा प्रदाता शामिल हैं) ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो शहडोल जिले के समस्त सेवा प्रदाता कामकाज बंद कर ‘कलमबंद हड़ताल’ करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अजय पाल







