डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
केमिकल व सफाई सामग्री की खरीदी में फर्जी भुगतान का आरोप, कलेक्टर से लेकर EOW तक पहुंची शिकायत
डिंडौरी/शहपुरा। नगर परिषद शहपुरा में करीब ₹13 लाख 42 हजार 797 के कथित वित्तीय गबन और खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में शिकायतकर्ता ने कलेक्टर डिंडौरी, एसडीएम शहपुरा, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर, आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल तथा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, विशेष ऑडिट और दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद शहपुरा द्वारा GeM पोर्टल के माध्यम से केमिकल एवं सफाई सामग्री की खरीदी के नाम पर ₹13,42,797 का भुगतान किया गया, जबकि संबंधित सामग्री नगर परिषद के स्टोर में कभी प्राप्त ही नहीं हुई। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह तथ्य सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों, बैंक भुगतान अभिलेखों तथा स्टोर के आकस्मिक निरीक्षण प्रतिवेदन से सामने आया है।
ज्ञापन के अनुसार क्रेसोल रेड इंडिकेटर, टेमेफोस कीटनाशक, फिनाइल और टॉयलेट क्लीनिंग पाउडर सहित विभिन्न सामग्रियों का भुगतान तो किया गया, लेकिन स्टोर के भौतिक सत्यापन के दौरान इनका कोई स्टॉक नहीं मिला। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कोविड-19 के बाद नगर परिषद द्वारा इन रसायनों का नियमित उपयोग नहीं किया गया और सफाई कर्मचारियों के कथित बयानों में भी इस बात की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भुगतान के लिए फर्जी भौतिक सत्यापन रिपोर्ट तैयार की गई, कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया तथा निविदा और खरीद प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। साथ ही नगर परिषद में हुए अन्य निर्माण कार्यों एवं खरीद प्रक्रियाओं का भी विशेष ऑडिट कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की एसआईटी अथवा उच्च स्तरीय जांच, कथित दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, शासकीय राशि की वसूली तथा दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।







