
दुर्ग। समाज में सुरक्षा, अनुशासन और जागरूकता का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस द्वारा शनिवार को थाना खुर्सीपार क्षेत्र के श्रीराम मैदान में एक वृहद ‘सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में पद्मश्री शमशाद बेगम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन में खुर्सीपार, छावनी, जामुल, कुम्हारी और पुरानी भिलाई क्षेत्र की 400 से अधिक महिला कमांडो ने हिस्सा लेकर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान SDRF की टीम ने महिला कमांडो को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक गुर सिखाए। इसमें सड़क दुर्घटना, आगजनी, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक व मानवजनित आपदाओं के समय त्वरित राहत, घायलों की सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार (First Aid) करने का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही, महिलाओं को कानूनी अधिकारों, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्हें वार्ड एवं ग्राम स्तर पर “सुरक्षा दूत” के रूप में कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
संबोधन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने महिला कमांडो की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। SSP अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों की शुरुआत स्वयं से करे, तो अपराध मुक्त समाज का सपना साकार हो सकता है। इस अवसर पर महिला कमांडो की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें टॉर्च और केन सिटी का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक (छावनी) प्रशांत सिंह पैकरा, एसडीओपी धमधा डॉ. चित्रा वर्मा, जिला सेनानी नगर सेना नागेंद्र सिंह और थाना प्रभारी खुर्सीपार आनंद शुक्ला सहित पुलिस बल व SDRF के सदस्य सक्रिय रहे। आयोजन के समापन पर सभी उपस्थित महिलाओं ने ‘सशक्त नारी-सशक्त छत्तीसगढ़’ और ‘नशा मुक्त समाज’ निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। दुर्ग पुलिस ने इस पहल के माध्यम से आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सामाजिक समरसता और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़


