डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
गुटखा-सिगरेट एमआरपी से महंगे बिक रहे, प्रशासन खामोश — उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ
डिंडोरी में खुलेआम कालाबाजारी का आरोप, संयुक्त जांच अभियान चलाने की उठी मांग
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जिला सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुटखा, पान मसाला और सिगरेट की बिक्री को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दुकानदार पैकेट पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूल रहे हैं, जिससे आम लोगों को अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार 10 रुपये का गुटखा पैकेट 15 रुपये में, 20 रुपये वाला 25 से 30 रुपये तक और सिगरेट के पैकेट भी प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। कई दुकानों पर खुलेआम अधिक वसूली की जा रही है, जबकि पैकेट पर स्पष्ट रूप से एमआरपी अंकित है। लोगों का कहना है कि विरोध करने पर दुकानदार सामान देने से मना कर देते हैं, जिससे मजबूरी में अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।
नागरिकों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बाद भी खाद्य विभाग, नापतौल विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जांच अभियान नहीं चलाया जा रहा। जबकि नियमों के अनुसार एमआरपी से अधिक मूल्य वसूलना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और दंडनीय अपराध है।
स्थानीय समाजसेवियों और व्यापारियों के एक वर्ग ने प्रशासन से संयुक्त जांच अभियान चलाकर दुकानों के स्टॉक रजिस्टर और बिक्री दरों की जांच करने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों पर जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई करने की बात कही है।
नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध वसूली लगातार जारी रहेगी और उपभोक्ताओं का शोषण बढ़ता जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई करता है।

