डिंडौरी मध्यप्रदेश
शहपुरा/डिंडौरी
नगर परिषद शहपुरा में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। NH-45E मुख्य मार्ग पर बनाए जा रहे डिवाइडर निर्माण में खुलेआम भ्रष्टाचार, मनमानी और भारी तकनीकी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। नगर के जागरूक नागरिकों ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि नगर परिषद द्वारा NH-45E पर बिना किसी रोड-मैप, तकनीकी स्वीकृति और वैज्ञानिक प्लानिंग के डिवाइडर निर्माण कराया जा रहा है, जो सीधे तौर पर जनसुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। मुख्य सड़क के बीच लगभग चार फीट ऊंचा डिवाइडर खड़ा कर दिया गया है, जिसमें मिट्टी भराव और पौधरोपण के बाद इसकी ऊंचाई सात फीट तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। इससे पूरा बाजार क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गया है और सड़क पार करना बेहद जोखिमभरा हो गया है।
नागरिकों ने आरोप लगाया है कि जिस मार्ग पर डिवाइडर बनाया जा रहा है, वहां नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल, जिला सहकारी बैंक, नगर परिषद कार्यालय, अस्पताल, तहसील, उत्कृष्ट विद्यालय सहित कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थान स्थित हैं, लेकिन इसके बावजूद एम्बुलेंस, स्कूल बसों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक कट नहीं छोड़े गए। इससे आपातकालीन सेवाएं तक बाधित हो रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाली, फुटपाथ और पुलिया निर्माण किए बिना ही डिवाइडर खड़ा कर दिया गया, जबकि सड़क के दोनों ओर पहले से ही जर्जर नालियां मौजूद हैं, जो किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। वहीं निवास–जबलपुर–डिंडोरी तिराहा, बस स्टैंड और शहीद स्मारक चौक जैसे व्यस्त चौराहों पर डिवाइडर निर्माण को पूरी तरह तकनीकी मानकों के विपरीत बताया गया है, जिससे वाहनों के मुड़ने और ट्रैफिक संचालन में भारी परेशानी हो रही है।
नागरिकों ने नगर परिषद कार्यालय में राजनीतिक हस्तक्षेप, घटिया गुणवत्ता के निर्माण और ठेकेदारों की मनमानी पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद राजनीतिक दबाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ज्ञापन के माध्यम से विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम से स्वतंत्र तकनीकी जांच, दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई, डिवाइडर की ऊंचाई कम करने, चिन्हित स्थलों पर तत्काल कट देने तथा भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश गुप्ता (पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद), संजय दुबे, अवध सिंह ठाकुर, कौशल सिंह ठाकुर, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी, मोहित लाल साहू सहित नगर के अनेक नागरिक शामिल रहे।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

