रायपुर नर्मदापारा रेलवे स्टेशन स्थित प्राचीन सिद्ध सर्वधर्म संकटमोचन हनुमान मंदिर में आयोजित विशाल भंडारा महोत्सव के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जो क्षेत्र में चर्चा और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है। सायंकाल प्रार्थना के समय मंदिर परिसर में स्थित बेल के वृक्ष के समीप अचानक साक्षात नाग देवता प्रकट हुए।
भोजन निर्माण स्थल की ओर रही दृष्टि
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब मंदिर में शाम की आरती और प्रार्थना चल रही थी, उसी समय सर्पराज बेल के पेड़ के पास आकर शांत भाव से बैठ गए। लगभग 1 से 1.5 मिनट तक नाग देवता वहां मौजूद रहे। विशेष बात यह रही कि उन्होंने किसी प्रकार की फुंकार नहीं भरी और न ही किसी को नुकसान पहुँचाने की चेष्टा की। उनकी दृष्टि निरंतर उस स्थान की ओर बनी रही जहाँ भंडारे का प्रसाद (भोजन) तैयार किया जा रहा था। कुछ देर मौन दर्शन देने के पश्चात वे स्वतः ही वहां से चले गए।

श्रद्धालु मान रहे ईश कृपा
मंदिर के संरक्षक और प्रसिद्ध समाजसेवी श्री कुबेर राठी जी ने इस घटना को साक्षात ईश्वरीय संकेत बताया है। उन्होंने कहा, “मंदिर के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। भंडारे के पावन दिन पर नाग देवता का इस तरह शांत भाव से दर्शन देना और प्रसाद निर्माण स्थल को निहारना महादेव की असीम अनुकंपा है।”
भंडारा समिति के अन्य सदस्यों ने भी इसे शुभ संकेत मानते हुए ‘ईश कृपा’ बताया है। इस घटना के बाद से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और लोग इसे मंदिर की बढ़ती आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़कर देख रहे हैं।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव

