दुर्ग/ भिलाई
दुर्ग रेंज में पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को भिलाई के ICAI सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री राम गोपाल गर्ग ने ‘सशक्त’ ऐप के पब्लिक मॉड्यूल का विधिवत शुभारंभ किया।
अब दुर्ग रेंज के लगभग 40 लाख आम नागरिक अपने मोबाइल के जरिए एक क्लिक पर यह जान सकेंगे कि उनके सामने खड़ा वाहन चोरी का है या नहीं।
क्या है ‘सशक्त’ ऐप और कैसे करेगा काम?
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दिसंबर 2024 में शुरू किया गया यह ऐप पहले केवल पुलिस अधिकारियों के उपयोग के लिए था। इसकी सफलता को देखते हुए अब इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है।
सर्च की सुविधा: नागरिक ऐप में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर तत्काल चेक कर सकते हैं कि वह वाहन संदिग्ध या चोरी का तो नहीं है।
पुलिस को सूचना: यदि वाहन चोरी का पाया जाता है, तो ऐप के माध्यम से ही इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाने को दी जा सकती है।
पंजीकरण प्रक्रिया: प्ले स्टोर से ‘सशक्त सीजी पुलिस’ (Sashakt CG Police) डाउनलोड कर, सामान्य जानकारी भरकर यूजर आईडी और पासवर्ड बनाया जा सकता है।

एक साल में 150 वाहन बरामद, अब जनता बनेगी ‘जासूस’
स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर देते हुए IG राम गोपाल गर्ग ने बताया कि पिछले एक साल में पुलिस जवानों ने इस ऐप की मदद से 150 से अधिक चोरी के वाहन बरामद किए हैं। उन्होंने कहा, “जनता की सहभागिता से यह अभियान और मजबूत होगा। यदि दुर्ग रेंज में यह नवाचार सफल रहा, तो इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।”

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दुर्ग श्री विजय अग्रवाल ने इसे जन-भागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर ASP शहर सुखनंदन राठौर, ASP ग्रामीण अभिषेक झा सहित छत्तीसगढ़ आर्मी पब्लिक फाउंडेशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स और कल्याणी नशा मुक्ति केंद्र के पदाधिकारी उपस्थित रहे। ऐप के विकास में योगदान देने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

