
भिलाई/दुर्ग
भिलाई इस्पात संयंत्र के अस्तित्व को बचाने की जंग: विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
भिलाई। छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंका गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के गौरव, भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निजीकरण की सुगबुगाहट के खिलाफ भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में मोर्चा खोल दिया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधायक प्रतिभा चंद्राकर और इस्पात मंत्रालय की केंद्रीय सदस्य गुरमीत कौर धनई ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करी। एवं बीएसपी के लिए किए गए अनिश्चितकालीन धरने का समर्थन एवम निजीकरण की निंदा की।
निजीकरण के खिलाफ एकजुटता
आंदोलनकारियों का स्पष्ट मत है कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल लोहे का कारखाना नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों की आजीविका और छत्तीसगढ़ की अस्मिता का प्रतीक है। धरने को संबोधित करते हुए विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की विनिवेश नीतियों के कारण संयंत्र के भविष्य पर तलवार लटक रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित आंदोलन:
संयंत्र के निजीकरण पर पूर्ण रोक: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि संयंत्र के किसी भी हिस्से या अनुभाग के निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।
श्रमिकों के हितों की रक्षा: वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण से हजारों नियमित और ठेका श्रमिकों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार: पूर्व विधायक प्रतिभा चंद्राकर ने जोर दिया कि भिलाई की पूरी अर्थव्यवस्था इस संयंत्र पर टिकी है; इसका निजीकरण पूरे शहर को प्रभावित करेगा।
शक्ति प्रदर्शन और संकल्प
धरना स्थल पर भारी संख्या में श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस्पात मंत्रालय की केंद्रीय सदस्य गुरमीत कौर धनई ने कहा कि वे इस मुद्दे को उचित मंच पर उठाएंगी और सुनिश्चित करेंगी कि श्रमिकों की आवाज दबने न पाए।
उन्होंने कहा कि जब से BSP की स्थापना हुई है तब से सभी धर्म एवं जाति के लोग यहां निवासरत है जिस कारण भिलाई को मिनी भारत की उपाधि प्राप्त हुई है, मै BSP के निजीकरण का पुरजोर विरोध करती हूं।
नेताओं ने संकल्प लिया है कि जब तक केंद्र सरकार और इस्पात मंत्रालय निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को वापस लेने का ठोस आश्वासन नहीं देते, यह ‘हल्ला बोल’ आंदोलन और धरना अनवरत जारी रहेगा।
“BSP भिलाई की धड़कन है। हम इसे निजी हाथों में सौंपने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। यह लड़ाई हमारे हक और पहचान की है।” — देवेंद्र यादव, विधायक (भिलाई नगर)
इस धारणा प्रदर्शन में कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू, अरुण वोरा, तथा कांग्रेस के समस्त विधायक गण व कार्यकर्ताओ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई एवं निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन किया।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव


