रिपोर्ट अंकित गुप्ता /उत्तर प्रदेश मुरादाबाद
मुरादाबाद में भू-माफिया और अधिकारियों का गंदा खेल: नजूल की जमीन पर ठगा जनता का हक! सरकारी जमीन पर रसूखदार डॉक्टर ने बना डाला अस्पताल।
मुरादाबाद में भू-माफिया और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत ने सारी हदें पार कर दीं! करोड़ों की नजूल की सरकारी जमीन पर आलीशान तीन मंजिला अस्पताल खड़ा कर दिया गया। सिविल लाइन जैसे पॉश इलाके में 17,318 वर्ग मीटर की बेशकीमती सरकारी जमीन को लुटेरों ने हड़प लिया और अधिकारियों ने आँखें मूंदकर नक्शा पास कर दिया। जब मुख्यमंत्री के पास IGRS पर शिकायत पहुंची, तब जाकर हड़कंप मचा और निर्माण कार्य रुकवाया गया। डीएम ने फौरन पूरे घोटाले की जांच के आदेश दे दिए। लेकिन सवाल ये है—क्या इस घोटाले के असली गुनहगार सलाखों के पीछे जाएंगे?
नजूल जमीन का खेल: 17,318 वर्ग मीटर की लूट का खुलासा!
ग्राम छावनी में नजूल लैंड का भूखंड नंबर 470 रिकॉर्ड में दर्ज है। इसमें 2,714 वर्ग मीटर जमीन फ्रीहोल्ड है, लेकिन बाकी 17,318 वर्ग मीटर सरकारी नजूल जमीन है। इस बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं ने आँखें तरेर लीं और अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की कीमत वाली इमारत खड़ी कर दी। एक सजग नागरिक ने सीएम से शिकायत की, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में निर्माण रुकवाया गया और जांच के आदेश जारी हुए। लेकिन सवाल ये है—इतना बड़ा घपला इतने समय तक कैसे छिपा रहा?
सिविल लाइन में आँखों के सामने लूट,फिर भी MDA के अधिकारी खामोश!
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिस सिविल लाइन में ये अवैध अस्पताल बन रहा है, उसी इलाके में MDA के वीसी और बड़े-बड़े अधिकारी रहते हैं। फिर भी, किसी ने इस निर्माण को रोकने की जहमत नहीं उठाई। उल्टा, MDA के अभियंताओं ने आँखें मूंदकर नक्शा पास कर दिया। नियम साफ कहते हैं कि फ्रीहोल्ड जमीन पर सिर्फ आवास बन सकता है, लेकिन यहाँ तो पूरा अस्पताल खड़ा हो गया! MDA के अधिकारियों की इस चुप्पी और लापरवाही पर अब सवाल उठ रहे हैं—क्या ये सब पैसे के खेल का हिस्सा है?
जांच शुरू, लेकिन क्या होगा इंसाफ?
डीएम के आदेश पर अब इस घोटाले की जांच शुरू हो चुकी है। लेकिन जनता का सवाल है—क्या इस जांच से सच सामने आएगा? क्या भू-माफिया और उनके साथी अधिकारियों को सजा मिलेगी? या फिर ये भी एक और फाइल बनकर दफ्तरों में दफन हो जाएगी? मुरादाबाद की जनता अब इस घोटाले के पर्दाफाश का इंतजार कर रही है।

