नगर पालिका मुंगेली की सफाई व्यवस्था से आम नागरिक से लेकर शासन प्रशासन जिम्मेदार , मच्छरों के आतंक से परेशान
मुंगेली:- इन दिनों नगर के वार्डो में व्याप्त गंदगी से मच्छरों का बढ़ता हुआ आतंक नागरिकों के लिए बनी मुसीबत,नगर पालिका की उदासीनता बनी बड़ी वजह,क्या सिर्फ कागजों में हो रहा है समस्याओं का समाधान
शहर में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की परेशानी भी बढ़ गई है। शहर के कई वार्डों और मोहल्लों में गंदगी, जाम नालियों और जगह-जगह जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शाम ढलते ही मच्छरों का आतंक इतना बढ़ जाता है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना तो दूर, घरों के अंदर रहना भी मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों,बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को मच्छरों की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग शाम होते ही दरवाजे और खिड़कियां बंद करने को मजबूर हो जाते हैं,फिर भी मच्छरों से राहत नहीं मिल रही है।
नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप
शहरवासियों ने नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मच्छरों के नियंत्रण के लिए नगर पालिका की ओर से कोई ठोस और नियमित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कई वार्डों में लंबे समय से फॉगिंग नहीं हुई है और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
शहर की अधिकांश नालियां जाम पड़ी हुई हैं,जिनमें गंदा पानी भरा हुआ है। इन नालियों में जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर नालियों की सफाई और फॉगिंग की व्यवस्था की जाए तो मच्छरों की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।वही नागरिकों का ये भी कहना है कि शहर की व्यापक समस्याओं का निराकरण करना छोड़ नगर के जनप्रतिनिधि बस फोटो खिंचाने में मशगूल रहते हैं इनके मुताबिक शहर कोई समस्या है ही नहीं लेकिन लोगों को पता है कि शहर के समस्याओं का हल सिर्फ कागजों में हो रहा है
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया गया
इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रहे हैं और बीमारी के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है,जो मच्छरों के काटने से फैलती है। इसलिए लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए दवा का सेवन करना जरूरी बताया जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल दवा खिलाने से ही समस्या का पूर्ण समाधान नहीं होगा।
मच्छरों के पनपने के स्थान खत्म करना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार फाइलेरिया के साथ-साथ मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को खत्म किया जाए। इसके लिए नालियों की नियमित सफाई, गंदे पानी की निकासी,फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव बेहद जरूरी है।
यदि इन उपायों को नियमित रूप से लागू किया जाए तो मच्छरों की संख्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
प्रशासन से की गई त्वरित कार्रवाई की मांग
शहर के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि बढ़ते मच्छर प्रकोप को गंभीरता से लिया जाए। लोगों का कहना है कि तत्काल प्रभाव से फॉगिंग,साफ-सफाई और दवा छिड़काव जैसे कार्यों को तेज किया जाना चाहिए।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा और भी बढ़ सकता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
