डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
90 किलोमीटर दूर से जिला अस्पताल डिंडौरी पहुंचे रक्तदाता, रक्त की कमी से जूझ रही महिला को मिला जीवनरक्षक रक्त
शहपुरा – जिला चिकित्सालय डिंडौरी में एक महिला मरीज का हीमोग्लोबिन काफी कम होने के कारण उसे तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। अस्पताल के ब्लड बैंक में संबंधित ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं होने पर परिजनों के सामने चिंता की स्थिति बन गई। ऐसे समय में रक्तदाता दीपक चौबे ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए करीब 90 किलोमीटर दूर से जिला अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया और महिला मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीपक चौबे का यह 51वां रक्तदान बताया गया है। नियमित रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की मदद करने वाले दीपक ने एक बार फिर यह साबित किया कि समय पर किया गया रक्तदान किसी के लिए जीवन का आधार बन सकता है। रक्त मिलने के बाद मरीज के परिजनों ने दीपक चौबे के प्रति आभार व्यक्त किया। रक्तदान परिवार एवं उनके शुभचिंतकों ने भी इस मानवीय कार्य के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। रक्तदान को लेकर दीपक चौबे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। स्वस्थ व्यक्ति को जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का दिया हुआ थोड़ा सा रक्त किसी दूसरे व्यक्ति के लिए पूरी जिंदगी बन सकता है।
मानवता की मिसाल बना 51वां रक्तदान
दीपक चौबे का 51वीं बार रक्तदान करना समाज के लिए प्रेरणादायक है। खास बात यह रही कि मरीज को रक्त की जरूरत की जानकारी मिलने पर उन्होंने दूरी की परवाह नहीं की और करीब 90 किलोमीटर का सफर तय कर जिला चिकित्सालय पहुंचकर रक्तदान किया। उनका यह प्रयास न केवल एक महिला मरीज के लिए जीवनदायी साबित हुआ, बल्कि अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाला है।
