डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया 
डिंडौरी /बटोंधा। डिंडौरी जिले के बटोंधा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जहा शासन ने करोड़ो खर्च करके स्कूल भवन तो बना दिया पर वहा तक पहुंचने के लिए सडक बनाना भूल गई। शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को यदि हर दिन कीचड़ भरे रास्ते से संघर्ष करना पड़े, तो विकास के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। डिंडौरी जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बटोंधा में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। मुख्य सड़क से महज 500 से 600 मीटर दूरी पर स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से बारिश के दिनों में पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है।
विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 210 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। आसपास के 10 से 15 गांवों से विद्यार्थी रोजाना यहां पढ़ने पहुंचते हैं। कई विद्यार्थी 10 से 15 किलोमीटर दूर से आते हैं। ऐसे में स्कूल तक पहुंचने वाला यह छोटा सा रास्ता बारिश के मौसम में उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
जूते-यूनिफॉर्म खराब, समय पर पहुंचना भी मुश्किल
बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और फिसलन के कारण विद्यार्थियों को पैदल चलने में परेशानी होती है। कई बार बच्चे कीचड़ में फिसल जाते हैं और उनके जूते व यूनिफॉर्म खराब हो जाते हैं। दूरदराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजाना यह सफर पढ़ाई से पहले ही बड़ी चुनौती बन जाता है।
छात्रावास की भी उठी मांग
विद्यार्थियों का कहना है कि कई छात्र-छात्राएं दूरस्थ गांवों से आते हैं। उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में विद्यालय में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तो दूर गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी राहत मिल सकती है और उनका पढ़ाई में अधिक समय लग सकेगा।
चौकीदार नहीं, स्कूल की सुरक्षा पर भी सवाल
विद्यालय में सड़क की समस्या के साथ सुरक्षा व्यवस्था का भी मुद्दा सामने आया है। स्कूल में शैक्षणिक सामग्री और सरकारी संपत्ति होने के बावजूद अब तक चौकीदार की नियुक्ति नहीं होने की बात सामने आई है। इससे विद्यालय प्रबंधन को सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
विधायक ने दिया समस्या समाधान का भरोसा
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रीतम सिंह परस्ते ने बताया कि शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे हाल ही में विद्यालय पहुंचे थे। उन्होंने स्कूल का निरीक्षण कर सड़क, छात्रावास सहित अन्य समस्याओं की जानकारी ली और इनके शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है।
सवाल—आखिर कब बनेगी स्कूल तक सड़क?
स्कूल भवन और अन्य सुविधाओं पर खर्च होने के बावजूद मुख्य सड़क से विद्यालय तक महज 500-600 मीटर रास्ते का पक्का निर्माण अब तक नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग है कि स्कूल तक जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।

सवाल सिर्फ 500 मीटर सड़क का नहीं, बल्कि उन 210 विद्यार्थियों की सुविधा और भविष्य का है, जो रोजाना शिक्षा हासिल करने के लिए इस कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों का आश्वासन कब जमीन पर दिखाई देता है।







