एक गरीब आदवासी दादा की मेहनत रंग लाई..

हमारे सरजू दादा: संकल्प, श्रम और संरक्षण की प्रेरक कहानी

पन्ना जिले के छोटे है गांव बनहरीखुर्द–हनुमतपुर के 65 वर्षीय वृद्ध सरजू प्रसाद कोदर आज पर्यावरण संरक्षण की एक जीवंत मिसाल बन चुके हैं। 12 अगस्त 2024 को पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए कार्यरत स्वयंसेवी संस्था समर्थन ने रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से ग्राम बनहरीखुर्द में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष मीना सिंह थीं। सैकड़ों ग्रामीण महिला-पुरुषों की उपस्थिति में जब यह आशंका जताई गई कि “पौधे लगाए तो जाते हैं, पर बचते नहीं”, तब सरजू दादा का सादा-सा लेकिन मजबूत जवाब आया—“आप लगाइए, सुरक्षा हम करेंगे।”

यही नहीं, कड़ाके की गर्मी में सरजू दादा ने खुद ही कुआं खोदकर पानी निकाला और लगभग 100 पौधों की नियमित सिंचाई कर सभी को जीवित रखा। आज गांव के बाहर मोड़ और तालाब से सटे क्षेत्र में उनका लगाया बगीचा हरियाली की पहचान बन गया है। बाद में उन्होंने टुल्लू पंप की मदद से सब्जियों की खेती शुरू की। बरसात में घास बेचकर लगभग 1200 रुपए की आमदनी की और अब सब्जी से अपना गुजारा कर रहे है। ज़रूरतमंद को बेच भी देते हैं। यह भूमि जल संसाधन विभाग से उन्हें लीज पर मिली थी। शुरुआती बाधाओं के बाद एसडीओ ने इसे नेक कार्य बताते हुए पौधरोपण की अनुमति दी। संस्था के साथी समय-समय पर सरजू दादा का सहयोग और सम्मान करते हैं, वहीं जनपद के अधिकारी भी उनके कार्य की सराहना करते नहीं थकते।

सरजू दादा साबित करते हैं कि सच्चा पर्यावरण प्रेम भाषणों से नहीं, कर्म से दिखता हैऔर एक व्यक्ति भी पूरे गांव की दिशा बदल सकता है। आसपास के लोग अब उनके बगीचे को देखने पहुंचते हैं। समय निकालकर आप भी बुजुर्ग से मिलिए और उनके प्रयासों को देखिए।

(( अजयगढ़ से अमन कुमार की खास रिपोर्ट))

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