गरियाबंद। रक्षाबंधन पर शासकीय रामबिशाल पाण्डेय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेजेस में देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। मिशन लाइफ इको क्लब एवं साइंस क्लब के तत्वावधान में विद्यार्थियों ने एक हजार हस्तनिर्मित इको-फ्रेंडली राखियां तैयार कर देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों को भेजीं।
विद्यालय की व्याख्याता एवं क्लब प्रभारी समीक्षा गायकवाड़ के मार्गदर्शन में तैयार इन राखियों में धान, बाँस, ऊन, मोती, माचिस की तीलियों और अन्य प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया गया। बस्तर कला से प्रेरित डिजाइनों के जरिए विद्यार्थियों ने राखियों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक उकेरी।
विद्यार्थियों ने थाना एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को रक्षासूत्र बांधा तथा समाज की सुरक्षा और जनसेवा में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र रोंदिया सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद दिया, वहीं पुलिसकर्मियों ने साइबर सुरक्षा सहित महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा की।
इको क्लब अध्यक्ष मोनिका देवांगन, साइंस क्लब अध्यक्ष मोहिनी साहू, सचिव खुशी साहू एवं उपाध्यक्ष भारती साहू ने बताया कि विद्यालय में प्रतिवर्ष विद्यार्थियों द्वारा सैनिकों के लिए राखियां तैयार करने की परंपरा को इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ आगे बढ़ाया गया।
यह पहल केवल राखी भेजने तक सीमित नहीं रही, बल्कि सैनिकों के प्रति सम्मान, पुलिस-स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति कृतज्ञता, पर्यावरण संरक्षण और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकसंस्कृति को सहेजने का प्रभावशाली संदेश बन गई। आयोजन में मोनिका साहू, लक्ष्मी वर्मा, ईशा यादव, खुशाल गुप्ता, कीर्ति वर्मा, जान्हवी साहू, यामिनी भूमिका सहित इको क्लब, साइंस क्लब एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं का उल्लेखनीय योगदान रहा।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

