जांच में ड्यूटी पुलिस होगी गिरफ्तारी 

 

कटनी मध्य प्रदेश 

 

ढीमरखेड़ा तहसील में सरकारी पट्टा दिलाने के नाम पर किसानों से लाखों रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसानों से पट्टा दिलाने के नाम से रुपए ऐंठने के लिए आरोपियों ने पूरी सरकारी प्रक्रिया का फर्जी रूप तैयार कर दिया। पुराने सरकारी आदेश से तहसीलदार के हस्ताक्षर की नकल की गई। तहसीलदार के नाम से ऐसा पत्र तैयार किया गया, जिसमें शासकीय कोष में पट्टे की राशि जमा होने की जानकारी प्रदर्शित की गई। इन दस्तावेजों के सहारे  किसानों को भरोसा दिलाया गया कि उनका पट्टा सरकारी स्तर पर स्वीकृत हो चुका है इस ठगी में  किसानों से कुल 2 लाख 17 हजार रुपए वसूल लिए गए। मामले का खुलासा तब

हुआ, जब पट्टा संबंधी दस्तावेजों की जानकारी पटवारियों तक पहुंची। दस्तावेजों में कुछ गड़बड़ी नजर आने पर पटवारियों ने तहसीलदार नितिन कुमार पटेल को इसकी जानकारी दी। जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने की बात सामने आने के बाद

तहसीलदार की शिकायत पर

ढीमरखेड़ा पुलिस ने दो व्यक्ति

एमपी ऑनलाइन की दुकान चलाता है आरोपी

पुलिस के मुताबिक इस मामले में कछारगांव बड़ा निवासी दीपक लोधी और गौरा-गौरी निवासी लक्ष्मण सिंह गौड़ आरोपी बनाए गए हैं। बताया जा रहा है कि दीपक लोधी एमपी ऑनलाइन की दुकान चलाता है। इसी वजह से उसे ऑनलाइन और सरकारी दस्तावेजों की भाषा-शैली तथा प्रारूप की जानकारी थी। पुराने जनगणना संबंधी सरकारी आदेश में मौजूद तहसीलदार के हस्ताक्षर को कॉपी कर फर्जी दस्तावेज में इस्तेमाल किया गया। इसके बाद तहसीलदार के नाम से पत्र तैयार कर किसानों को दिखाया गया, ताकि उन्हें दस्तावेज असली होने का भरोसा हो सके।

दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब जांच इस बात कि फर्जीवाड़ा कितना बड़ा हुआ है  पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है

कि फर्जी दस्तावेज कितने किसानों को दिखाए गए, कितने दस्तावेज तैयार किए गए और 9 किसानों से वसूली गई रकम के अलावा कहीं और भी इसी तरीके से ठगी तो नहीं की गई। इस घटना ने सरकारी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर दिया है  कि सरकारी जमीन का पट्टा दिलाने के लिए ठगो ने तहसील कार्यालय की पूरी प्रक्रिया की नकल तैयार कर दी और किसानों को उस पर भरोसा भी हो गया। अब पुलिस जांच से ही पता चलेगा कि यह नौ किसानों तक सीमित फर्जीवाड़ा था या इसके पीछे इससे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

 

पटवारियों के संदेह पर हुआ खुलासा

 

पट्टा संबंधी कागजात जब पटवारियों के सामने पहुंचे तो उन्हें प्रक्रिया और कागजात पर संदेह हुआ उन्होंने मामले की जानकारी तहसीलदार को दी। इसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई तो तहसीलदार के हस्ताक्षर और पत्र की सत्यता पर सवाल सामने आए। तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 336(4) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

 

 

इस संबंध में सिलोड़ी चौकी प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि फाइल प्राप्त हुई है जांच करते हुए एविडेंस कलेक्ट किया जा रहा है और जल्द ही  गिरफ्तारी की जाएगी

 

 

सौरभ गर्ग ब्यूरो कटनी

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