सिवनी। शनिवार को मानस भवन, सिवनी में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के जिला स्तरीय समापन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर संपन्न हुआ। इस गरिमामयी आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिकों ने सहभागिता की।
जल संरक्षण: भविष्य की सुरक्षा और जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री दिनेश राय ने जल संरक्षण को एक ‘जनआंदोलन’ का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की आवश्यकता केवल जल बचाने की नहीं, बल्कि उसे भू-गर्भ में संचित करने की है। उन्होंने किसानों से अपने खेतों में ‘खेत तालाब’ बनाने और नागरिकों से हर घर में ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ प्रणाली विकसित करने की अपील की। वहीं, कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जल संरक्षण को प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल स्रोतों का पुनर्जीवन, नदियों के कैचमेंट क्षेत्र का संरक्षण और अमृत सरोवर जैसे कार्यों को निरंतर गति देना ही भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नवाचार
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की प्रेरणादायी सहभागिता रही। महिला सरपंचों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं ने जल स्रोतों के संरक्षण और श्रमदान में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत धनोरा द्वारा शुरू की गई ‘मेरा वाटर बैंक’ पहल विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस अभिनव योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जल संचयन के अनूठे प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लगभग एक करोड़ लीटर वर्षा जल के संचय का लक्ष्य रखा गया है।
सामुदायिक सहभागिता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ग्राम नंदौरा की सरपंच श्रीमती संगीता सोनकटे और ग्राम साजपानी की सरपंच श्रीमती सुदामा धुर्वे ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे सामुदायिक श्रमदान और जनसहयोग से जल संरक्षण के कार्यों को व्यापक धरातल मिला। नगर पालिका अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद सनोड़िया ने “जल है तो कल है” के मंत्र को दोहराते हुए जल स्रोतों के संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली शाह ने भी इस अभियान को स्थायी रूप देने के लिए निरंतर प्रयासों पर बल दिया।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान
अभियान के समापन पर जिले में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पौधरोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, वन अमले, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने न केवल कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया, बल्कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यों को जारी रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रिपोर्ट -आकाश भार्गव
