सुरक्षित सिंहस्थ–सफल सिंहस्थ की दिशा में उज्जैन पुलिस की व्यापक तैयारी, 30 करोड़ श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को लेकर आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा।

 

AI-CCTV, ड्रोन, फेसियल रिकग्निशन एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी सिंहस्थ-2028 की निगरानी, उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर मंथन।

 

सिंहस्थ-2028 के लिए पुलिस की मेगा सिक्योरिटी प्लानिंग, 10 जोन, 40 सेक्टर, 80 थाने एवं लगभग 63 हजार पुलिस बल की प्रस्तावित तैनाती पर हुई विस्तृत समीक्षा।

 

आगामी सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की व्यापक, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं को दृष्टिगत रखते हुए आज दिनांक 05.08.2026 को पुलिस कंट्रोल रूम उज्जैन स्थित मीटिंग हॉल में उज्जैन जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) श्री राकेश गुप्ता, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री नवनीत भसीन एवं पुलिस अधीक्षक उज्जैन की उपस्थिति में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

 

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री करणदीप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर पूर्व) श्री आलोक शर्मा, जिले के समस्त नगर पुलिस अधीक्षक, ट्रैफिक डीएसपी, ट्रैफिक सूबेदार, संबंधित थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

 

बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा उज्जैन पुलिस द्वारा की जा रही सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों, प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, आधुनिक तकनीकी संसाधनों, अंतर्राज्यीय समन्वय, साइबर सुरक्षा तथा अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए तैयार की गई कार्ययोजना एवं विभिन्न प्रस्तावों से सभी अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके उपरांत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री राकेश गुप्ता एवं पुलिस उप महानिरीक्षक श्री नवनीत भसीन द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बिंदु की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा पुलिस अधीक्षक उज्जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, नगर पुलिस अधीक्षकों, ट्रैफिक डीएसपी, ट्रैफिक सूबेदार एवं अन्य अधिकारियों के साथ विषयवार चर्चा कर आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

 

समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा चर्चा करते हुए अवगत कराया कि सिंहस्थ महाकुंभ-2028 का आयोजन 09 अप्रैल 2028 से 08 मई 2028 तक 30 दिवस की अवधि में प्रस्तावित है। वर्ष 2016 में लगभग 9 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की तुलना में इस बार लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। विशेष रूप से तृतीय अमृत स्नान के अवसर पर लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के एक ही दिन में स्नान करने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रस्तावित मेला क्षेत्र लगभग 3,000 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा, जिसे 10 जोन, 40 सेक्टर एवं 80 थानों में विभाजित कर लगभग 62,950 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों तथा 500 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया।

 

बैठक में सिंहस्थ-2028 के प्रमुख धार्मिक आयोजनों एवं स्नान पर्वों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रथम पेशवाई, चैत्र पूर्णिमा, पंचकोशी यात्रा, सोमवती अमावस्या, अक्षय तृतीया एवं वैशाख पूर्णिमा (तृतीय अमृत स्नान) के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं संसाधनों की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान AI आधारित निगरानी प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि पूरे मेला क्षेत्र एवं शहर में लगभग 3,500 AI-CCTV कैमरे, 416 ड्रोन, अंडरवाटर कैमरे तथा 2,700 से अधिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। AI आधारित स्टाम्पीड अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से संभावित भगदड़ की स्थिति का पूर्वानुमान लगाकर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही ANPR एवं फेसियल रिकग्निशन तकनीक के माध्यम से चोरी के वाहनों एवं संदिग्ध अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। कार्तिक मेला क्षेत्र में मुख्य 24×7 इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) तथा माधव नगर एवं राणोजी की छत्री क्षेत्र में बैकअप कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाने की योजना की भी समीक्षा की गई। साइबर सुरक्षा के लिए एक साइबर थाना, 10 साइबर हेल्प डेस्क एवं 1,000 साइबर वॉरियर्स द्वारा सोशल मीडिया एवं साइबर गतिविधियों की सतत निगरानी संबंधी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

 

यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उज्जैन आने वाले आठ प्रमुख मार्गों—इंदौर, देवास, मक्सी, आगर, गरोठ, नागदा, उन्हेल एवं बड़नगर—को प्रदेश के सात रणनीतिक गेटवे जिलों के माध्यम से समन्वित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही बाह्य क्षेत्र (लेयर-3) में लगभग 3,200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 100 से अधिक पार्किंग स्थलों के विकास तथा प्रतिदिन लगभग 2.20 लाख वाहनों एवं 52.60 लाख श्रद्धालुओं की क्षमता के अनुरूप यातायात प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय एवं रेलवे पुलिस के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी विशेष चर्चा की गई। सभी राज्य पुलिस मुख्यालयों एवं सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, श्रद्धालुओं के आगमन संबंधी अनुमानित आंकड़ों एवं आवश्यक सूचनाओं का पूर्व समन्वय, उज्जैन, नईखेड़ी, चिंतामण, विक्रम नगर एवं पिंगलेश्वर रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन हेतु समन्वित व्यवस्था तथा सीमावर्ती जिलों में होल्डिंग एरिया एवं पार्किंग व्यवस्था विकसित किए जाने संबंधी तैयारियों की समीक्षा की गई।

 

▪️बैठक के अंत में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री राकेश गुप्ता एवं पुलिस उप महानिरीक्षक श्री नवनीत भसीन ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की सभी तैयारियां समयबद्ध, समन्वित एवं तकनीक आधारित दृष्टिकोण के साथ पूर्ण की जाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक कार्ययोजना का नियमित परीक्षण एवं समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके तथा “सुरक्षित सिंहस्थ–सफल सिंहस्थ” की संकल्पना को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।

उज्जैन से जिला ब्यूरो रिंकू सोगानी

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