डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

शहपुरा के होटल-रेस्टोरेंटों में खाद्य विभाग की जांच, दाल-दूध, पनीर और तेल के लिए नमूने

अपना ढाबा और श्री छाया पैलेस को सुधार नोटिस, बालाजी डेयरी में रैपिड किट से जांच; लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

डिंडौरी/शहपुरा। त्योहारी सीजन के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहपुरा क्षेत्र के होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी प्रतिष्ठानों की जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रभा सिंह टेकाम ने 22 सितंबर को जबलपुर-अमरकंटक मार्ग स्थित अपना ढाबा, श्री छाया पैलेस और बालाजी डेयरी सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दाल, दूध, पनीर और सोयाबीन तेल के नमूने लेकर गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की गई।

कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं वरिष्ठ कार्यालय खाद्य सुरक्षा प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार की गई कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, खाद्य लाइसेंस-पंजीयन तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति जांची गई।

पैक्ड खाद्य सामग्री की भी जांच

अपना ढाबा में निरीक्षण के दौरान खाद्य पंजीयन चस्पा पाया गया। यहां उपलब्ध बिस्कुट, नमकीन, टोस्ट, चिप्स, ब्रेड और पाव सहित पैक्ड खाद्य सामग्री की निर्धारित तिथि भी जांची गई। निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को सुधारने के लिए संचालक को समय-सीमा देते हुए सुधार सूचना नोटिस जारी किया गया। यहां से तैयार दाल सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने भी लिए गए।

श्री छाया पैलेस में भी खाद्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं को निर्धारित समय में दूर करने के निर्देश देते हुए सुधार सूचना नोटिस जारी किया गया।

बालाजी डेयरी में रैपिड किट से जांच

बालाजी डेयरी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर ही रैपिड किट के माध्यम से दूध का परीक्षण किया। इसके साथ दूध का नमूना भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिया गया। कार्रवाई के दौरान दूध, पनीर, सोयाबीन तेल एवं दाल के नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने तथा ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई*

विभाग के अनुसार नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सुधार नोटिस में दी गई समय-सीमा के भीतर अनियमितताएं दूर नहीं किए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूना संग्रहण आगे भी जारी रहेगा।

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