डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
बेस-मोटाई और वाइब्रेटर के उपयोग पर उठाए सवाल; पंचायत के भुगतान की जांच व सरपंच-सचिव की डीएससी बंद करने की मांग शहपुरा। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क अधोसंरचना योजना के तहत कराए जा रहे सीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत के उपसरपंच बिसराम सिंह मरावी, निवासी डुंडी सरई ने जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर निर्माण कार्य सहित पंचायत के वित्तीय लेन-देन की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उपसरपंच ने शिकायत में आरोप लगाया है कि सीसी सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि पर्याप्त बेस तैयार किए बिना निर्माण कराया जा रहा है तथा कंक्रीट कार्य में वाइब्रेटर का भी उपयोग नहीं किया जा रहा। निर्माण में 10 एमएम गिट्टी सहित अन्य सामग्री के उपयोग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने दावा किया है कि सड़क के बीच के हिस्से में मोटाई करीब 3 से 4 इंच ही रखी गई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने पर स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
ग्रामसभा और करीब 3 लाख के भुगतान पर भी सवाल
शिकायत केवल सीसी सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। उपसरपंच ने ग्रामसभा के आयोजन और पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि ग्रामसभा की सूचना सभी संबंधित लोगों को दिए बिना सीमित पंचों की मौजूदगी में बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किए गए।
शिकायत में दावा किया गया है कि पंचायत की राशि से नल-जल योजना एवं अन्य सामग्री के नाम पर करीब 3 लाख रुपये निकाले गए हैं। उपसरपंच ने इन भुगतानों से संबंधित प्रस्ताव, बिल-वाउचर और अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।
पुरानी रिकवरी का मामला भी शिकायत में उठाया
उपसरपंच ने अपनी शिकायत में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव से जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार पूर्व में जिला पंचायत न्यायालय द्वारा प्रकरण में रिकवरी का आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद पंचायत से राशि निकाले जाने को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए हैं।
शिकायत में उच्च न्यायालय जबलपुर के 10 अगस्त 2026 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि संबंधित कार्रवाई का मामला कलेक्टर न्यायालय डिंडौरी में विचाराधीन है। ऐसे में पंचायत के मौजूदा वित्तीय लेन-देन की भी जांच कराए जाने की मांग की गई है।
सरपंच-सचिव की डीएससी बंद करने की मांग
उपसरपंच बिसराम सिंह मरावी ने सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा से सीसी सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराने के साथ पंचायत से किए गए भुगतान, बिल-वाउचर और कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। शिकायत में दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा जांच पूरी होने तक सरपंच एवं सचिव की डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) बंद किए जाने की मांग भी रखी गई है।
फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी प्रशासनिक जांच होना बाकी है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जनपद पंचायत शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और तकनीकी एवं वित्तीय जांच में सीसी सड़क निर्माण तथा पंचायत के भुगतान की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
