शहडोल मध्य प्रदेश
शहडोल। मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में, शहडोल की कोतवाली पुलिस ने एक 15 वर्षीय नाबालिग को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह मामला न केवल एक मासूम की मौत का है, बल्कि उस समाज के लिए एक चेतावनी भी है जहाँ डिजिटल हथियारों का इस्तेमाल जिंदगियां छीनने के लिए किया जा रहा है।
ब्लैकमेलिंग का घिनौना खेल
पुलिस जांच में यह दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी सनी यादव (19 वर्ष), निवासी देवरी, पिछले एक साल से मृतका को प्रताड़ित कर रहा था। वह लड़की की फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इस मानसिक उत्पीड़न और बदनामी के डर से टूटकर फरवरी 2026 में उस मासूम ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
सिर्फ ब्लैकमेलिंग नहीं, दरिंदगी भी हुई
मामले की गहराई से जांच करने पर पुलिस के सामने और भी खौफनाक तथ्य आए। जांच में पाया गया कि सनी यादव के अलावा एक अन्य आरोपी रूपेश सिंह गौड़ ने भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। एक तरफ ब्लैकमेलिंग का दबाव और दूसरी तरफ हैवानियत, इन दोनों ने मिलकर एक हंसती-खेलती बच्ची को मौत के आगोश में धकेल दिया।
पुलिसिया कार्रवाई और सख्त धाराएं
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या का दुष्प्रेरण), 65(1), पॉक्सो एक्ट (POCSO) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
मंगलवार, 31 मार्च 2026 को पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी सनी यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। हालांकि, मामले का दूसरा आरोपी रूपेश सिंह गौड़ अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
इस सफल कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राघवेन्द्र तिवारी, उपनिरीक्षक विशाखा उर्वेती और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और दूसरे आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।
अजय पाल
