शहडोल- विचारपुर कोयला खदान में अपनी जमीन देकर काम कर रहे स्थानीय भू-स्वामियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। प्रबंधन की लगातार अनदेखी और झूठे आश्वासनों से त्रस्त कर्मचारियों ने अब सीधे आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मानव संसाधन प्रमुख को सौंपे गए मांग पत्र में दो टूक चेतावनी दी गई है कि यदि 3 दिनों के भीतर समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो खदान का चक्का पूरी तरह जाम कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों का आरोप है कि वर्ष 2025 में भी वेतन बढ़ोतरी और पारिवारिक चिकित्सा सुविधा को लेकर गुहार लगाई गई थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं कर्मचारी:
वेतन विसंगति दूर हो: भूमिगत (अंडरग्राउंड) कार्य के लिए ₹32,500 तथा सतही (सरफेस) कार्य के लिए ₹29,500 संशोधित वेतनमान तत्काल लागू किया जाए।
नियुक्ति पत्र व सही पदनाम: सभी भू-स्वामी कर्मियों को संशोधित नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं और पे-स्लिप में दर्ज गलत पदनाम सुधारे जाएं।
पारिवारिक चिकित्सा सुरक्षा: कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए ईएसआई (ESIC) या समुचित पारिवारिक मेडिकल सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाए।
भू-स्वामियों ने साफ कर दिया है कि 31 अगस्त से दिया गया अल्टीमेटम अंतिम है। तय समय सीमा में मांगें पूरी न होने पर काम पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे होने वाले किसी भी नुकसान की सीधी जवाबदेही खदान प्रबंधन की होगी।
अजय पाल







