कटनी मध्य प्रदेश
शासन प्रशासन द्वारा समय-समय पर व्यवस्था बनाने हेतु अधीनस्थ कर्मचारियों अधिकारियों को आदेश दिया जाता है जिसमें परिवर्तन संशोधन जैसे आदेश होते हैं लेकिन उन आदेशों का परिपालन अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा कटनी जिले में नहीं किया जा रहा है लोक शिक्षण संस्थान संचालक के के द्विवेदी द्वारा अतिथि शिक्षक नियुक्ति में आदेश जारी करते हुए निर्देशित किया था कि अतिथि शिक्षक नियुक्ति में पात्रता का विशेष ध्यान रखा जाए जिसमें साफ निर्देश थे कि अतिथि शिक्षक नियुक्ति में बिना d.Ed b.ed वाले शिक्षकों को अपात्र करते हुए उनका सत्यापन नहीं किया जाए जिनका सत्यापन संकुल प्राचार्य द्वारा किया जाता है लेकिन जनपद शिक्षा केंद्र ढीमरखेड़ा अंतर्गत आने वाले संकुल केंद्र कछारगांव बड़ा के प्राचार्य के द्वारा अधीनस्थ विद्यालयों में अपात्र शिक्षकों की नियुक्ति की गई जिसका सत्यापन संकुल प्रचार द्वारा किया गया होगा पूर्व में भी प्रकाशित मामले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशरमन में बिना b.ed वाले संस्कृत विषय पर अतिथि शिक्षक की नियुक्ति का मामला प्रकाशित किया गया था और संकुल प्रचार के संज्ञान में लाया गया था लेकिन संकुल प्राचार्य द्वारा गंभीरता न दिखाते हुए ऐसे आपात अतिथि शिक्षकों को सत्यापित करके नियुक्ति दी जा रही है जबकि लोक शिक्षण संस्थान संचालक के के द्विवेदी के पत्र में साफ निर्देश दिया गया है कि बिना d.Ed b.ed वाले या d.Ed b.Ed अध्यनरत अतिथि शिक्षकों को अगर प्राचार्य या संकुल प्राचार्य द्वारा पात्र किया जाता है तो उनके ऊपर कार्यवाही की जाएगी लेकिन कछारगांव बड़ा संकुल प्राचार्य द्वारा लोक शिक्षण संस्थान संचालक के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए नियुक्तियां कराई गई संज्ञान में होने के बाद भी पत्र को नजर अंदाज किया गया जिससे ऐसा प्रतीत होता है ऐसे कर्मचारियों को राज्य शासन के निर्देशन निर्देशों का पालन करना खुद की तोहिनी नजर आती है या फिर अपात्र शिक्षकों की नियुक्ति करना और अपनी कलम को आदेशों के विपरीत चलाना कोई लेन-देन की तो बात नहीं आ रही है बिना किसी स्वार्थ के अपनी कलम फसाना और उच्च अधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ाना माजरा समझ नहीं आ रहा जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है दाल में कुछ काला नहीं पूरी की पूरी दाल काली है
सौरभ गर्ग ब्यूरो कटनी

