प्रभुपाल चौहान
उत्तर प्रदेश
लखनऊ में वकीलों -पुलिस में जमकर धक्का मुक्की, पुलिस ने लाठी पटक कर खदेड़ा,
लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर रविवार सुबह 9 बजें से वकीलों के चैंबरों और दुकानों समेत 220 अवैध अतिक्रमण को तोड़ा जा रहा है। 10 बुलडोजरों के द्वारा अवैध निर्माण को ढहाया जा रहा है, सुबह जब प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची तो 100 से ज्यादा वकील दुकानदार जुटकर नारेबाजी करने लगे और जमीन पर बैठकर धरना देने लगे। पुलिस ने हटाने की कोशिश की तो बहस हो गई फिर जमकर धक्का मुक्की हुई इसके बाद पुलिस ने लाठी पटक कर वकीलों और दुकानदारों को हटाया।
मौके पर 4एसीपी, पीएसी बल समेत पुलिस के 300 से ज्यादा जवान तैनात हैं। प्रशासन के अनुसार सड़क ,फुटपाथ ,नाले पर कब्जा कर वकीलों के चेंबर और फोटोकॉपी की दुकानें बना ली गई थी। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा तो कोर्ट ने अवैध अतिक्रमण तोड़ने का आदेश दिया। नगर निगम ने नोटिस जारी कर कब्जा हटाने को कहा कुछ लोगों ने खुद कब्जे हटा लिया लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने कब्जे नहीं हटाए इसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले वर्ष 2020 में लखनऊ के सदर तहसील इलाके में वकीलों के कुछ चैंबर तोड़े गए थे। मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा था और पूछा था कि वकीलों के लिए पुनर्वास की क्या व्यवस्था की गई है। इसके बाद अक्टूबर 2025 में लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर में सेंट्रल बार एसोसिएशन से जुड़े कुछ वकीलों के अस्थाई चैंबर प्रशासन ने तोड़ दिए इस कार्रवाई का वकीलों ने विरोध किया था।

