​बिलासपुर मण्डल/-शहडोल: भारतीय रेलवे के दावों की पोल खोलता हुआ एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (शाखा शहडोल) ने सहायक क्षेत्रीय रेल प्रबंधक को एक तीखा ज्ञापन सौंपकर बिलासपुर मण्डल के रनिंग रूमों में चल रहे भ्रष्टाचार औरअव्यवस्थाओं का पर्दाफाश किया है।
​असोसिएशन का आरोप है कि रायगढ़, खरसिया, अकलतरा, NKJ और बिजुरी जैसे महत्वपूर्ण रनिंग रूमों में लोको पायलटों और रनिंग स्टाफ के बुनियादी अधिकारों का सरेआम हनन हो रहा है।

​टेंडर के नाम पर घोटाला और डराने का खेल

​दस्तावेज के अनुसार, टेंडर नियमों को ताक पर रखकर रनिंग स्टाफ को घटिया राशन परोसा जा रहा है। दिखाने के लिए ब्रांडेड पैकेट रखे जाते हैं, लेकिन खाना बनाने में सस्ते और मोटे चावल तथा खुले तेल-आटे का इस्तेमाल हो रहा है। नाश्ते से दूध पूरी तरह गायब है। हद तो तब हो जाती है जब महज एक या दो बार भोजन करने वाले कर्मचारियों के नाम पर तीनों समय की फर्जी मील पर्चियां काटकर बड़ी वित्तीय अनियमितता की जा रही है।
​शिकायत करने पर सुधार तो दूर, उलटे रनिंग स्टाफ को प्रताड़ित किया जाता है।

ज्ञापन में आरोप है कि:

​नौकरी खाने की धमकी: अगर कोई कर्मचारी Sr. DEE(OP) को फोन पर शिकायत करता है, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।

​झूठे मुकदमों का डर:

NKJ रनिंग रूम में घटिया खाने का विरोध करने पर महिला ठेका कर्मियों द्वारा लोको पायलटों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
डिजिटल पाबंदी: ‘चालक दल ऐप’ पर शिकायत दर्ज करने से भी रोका जा रहा है।
असोसिएशन के ब्रांच सचिव विनय कुमार मिश्रा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन और स्टाफ के सम्मान की रक्षा नहीं की गई, तो रनिंग स्टाफ के लिए सुचारू रूप से कार्य करना असंभव हो जाएगा। अब देखना यह है कि रेल प्रशासन इस ‘ठेका माफिया’ पर क्या कार्रवाई करता है। अजय पाल

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