रायपुर। विधायक पुरन्दर मिश्रा ने राहुल गांधी के रामलीला मैदान में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान शिव की बारात सामाजिक समरसता, सद्भाव और एकता का प्रतीक है, जबकि भगवान शिव का तांडव गहन आध्यात्मिक दर्शन है, इसे राजनीतिक अराजकता से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी को पहले शिवतत्त्व और सनातन संस्कृति को समझने की सलाह देते हुए कांग्रेस से देशवासियों से माफी मांगने की मांग की।
पुरन्दर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के कार्यक्रमों के बहिष्कार को भी प्रदेश की अस्मिता और तीन करोड़ प्रदेशवासियों की भावनाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही 1984 के सिख नरसंहार की घटना को देश के इतिहास का दुखद अध्याय बताते हुए कांग्रेस से अपनी जिम्मेदारी और नेताओं की भूमिका पर जवाब देने की मांग की।
उन्होंने रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की भीड़ के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मैदान की क्षमता को देखते हुए कांग्रेस को अपने दावों की वास्तविकता स्पष्ट करनी चाहिए। मिश्रा ने कहा कि देश को राजनीतिक टकराव और अराजकता नहीं, बल्कि एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित की आवश्यकता है।
रिपोर्टर: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़







