रायपुर | 14 मार्च 2026

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस के साथ अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। रिंग रोड नंबर 4 टाटीबंध क्षेत्र में नो-पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई कर रही टीम के साथ विवाद करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

नो-पार्किंग कार्रवाई के दौरान हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, यातायात थाना टाटीबंध के प्रभारी निरीक्षक विशाल कुजूर के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक संदीप मिश्रा, आरक्षक संजीत सिंह एवं डी उमेश की टीम विगत रात्रि करीब 8 बजे टाटीबंध चौक से सिलतरा बाईपास मार्ग पर तैनात थी। यह टीम सड़क किनारे नो-पार्किंग में खड़े उन वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई कर रही थी, जो यातायात में बाधक बन रहे थे।

इसी दौरान एक ट्रक का चालान काटते समय पास ही एक्टिवा पर सवार तीन युवक वहां पहुँचे। नशे की हालत में धुत्त इन युवकों ने पुलिस टीम से उलझना शुरू कर दिया। युवकों का कहना था कि पुलिस रोज खड़ी गाड़ियों और ब्रेकडाउन वाहनों का चालान क्यों काटती है। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की की और सरकारी ई-चालान डिवाइस तथा मोबाइल छीनने का प्रयास किया।

BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

स्थिति को बिगड़ता देख यातायात टीम ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद आमानाका थाना की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों युवकों— संदीप सिंह, हरदीप सिंह और प्रिंसपाल सिंह को हिरासत में लिया।

आमानाका थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 87, दिनांक 13.03.2026 दर्ज किया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 132, 221, 121 (1) एवं 3(5) के तहत मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव

ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

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