डिंडौरी मध्यप्रदेश

चांदपुर में विडियो बनाकर २१ वषीय युवक ने लगाई फांसी

डिंडौरी
अमरपुर रोड स्थित ग्राम चांदपुर से एक बेहद मर्मांतक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महज 21 वर्ष की उम्र में एक युवक ने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पीछे छूटे परिजनों के जीवन में हमेशा के लिए सन्नाटा भर दिया।

ग्राम चांदपुर के आवास टोला निवासी राम किशोर वनवासी उम्र 21 वर्ष ने रविवार शाम अपने ही घर की रसोई में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने अपने मोबाइल में करीब 19 सेकंड का एक वीडियो भी बनाया, जो सोमवार को सामने आया है। इस वीडियो में युवक का आखिरी संदेश सुनकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।

बताया गया है कि घटना के समय युवक घर में अकेला था। उसके माता-पिता मजदूरी करने के बाद गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम में गए हुए थे, जबकि छोटा भाई कुएं पर नहाने गया था। इसी दौरान युवक ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

आसपास के लोगों को जब घर से आवाजें सुनाई दीं, तो उन्होंने छोटे भाई को बुलाया। भाई और जीजा ने मिलकर उसे फांसी के फंदे से नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी—राम किशोर की सांसें थम चुकी थीं।

मृतक के पिता मिहीलाल वनवासी ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है। राम किशोर ने 12वीं तक पढ़ाई की थी और इन दिनों घर पर ही रहता था। परिजनों के अनुसार वह मोबाइल पर अधिक समय बिताता था, हालांकि आत्महत्या के पीछे की असल वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

दिल को झकझोर देने वाली बात यह है कि युवक ने अपने आखिरी वीडियो में छोटे भाई से माता-पिता का ध्यान रखने की अपील की। साथ ही उसने बताया कि रसोई में एक डिब्बे में 6800 रुपये रखे हैं, जिन्हें निकाल लेना। इस मासूम संदेश ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई कर शव को जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर युवक का मोबाइल जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

कोतवाली प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे के अनुसार, घटनास्थल से एक सुसाइड नोट और मोबाइल में वीडियो मिला है, लेकिन इनमें आत्महत्या का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर ऐसी कौन-सी पीड़ा थी, जो एक युवा जिंदगी को इस कदर तोड़ गई। पीछे छूटे सवाल और परिवार का दर्द—दोनों ही आज पूरे गांव को भीतर तक झकझोर रहे हैं।

रिपोर्ट अखिलेश झारिया

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