शहडोल मध्य प्रदेश
मेहनत की चमक: गरीबी को मात देकर शहडोल का बेटा बना चार्टर्ड अकाउंटेंट
शहडोल। कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो विपरीत परिस्थितियाँ भी रास्ता छोड़ देती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है शहडोल के वार्ड नंबर 39, मंदिर टोला निवासी शशांक विश्वकर्मा ने। शशांक ने हाल ही में घोषित चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) परीक्षा के चुनौतीपूर्ण परिणामों में सफलता प्राप्त कर जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
मात्र 10.97% रहा परिणाम, शशांक ने गाड़े सफलता के झंडे
1 मार्च 2026 को जारी हुए सीए परीक्षा के परिणामों ने देशभर के छात्रों को चौंका दिया, जहाँ सफलता का प्रतिशत मात्र 10.97% रहा। इस कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद, शशांक ने अपनी मेहनत और एकाग्रता से न केवल परीक्षा उत्तीर्ण की, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती।
माता-पिता के त्याग को किया फलीभूत
शशांक की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता, कांति और अजय विश्वकर्मा का वर्षों का कड़ा संघर्ष छिपा है। आर्थिक तंगहाली के बावजूद उन्होंने शशांक की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। शशांक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निस्वार्थ समर्पण और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का अटूट विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।
क्षेत्र में हर्ष का माहौल
शशांक की इस उपलब्धि से मंदिर टोला सहित पूरे शहडोल में हर्ष व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शशांक की यह जीत उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के कारण बड़े सपने देखने से कतराते हैं। एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर शशांक ने अब देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
अजय पाल







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