मानपुर में प्रशासनिक लापरवाही से प्यासे 28 गांव, बल्हौड़ मल्टी विलेज प्रोजेक्ट बना भ्रष्टाचार का प्रतीक!

उमरिया -जिले के मानपुर जनपद अंतर्गत संचालित बल्हौड़ मल्टी विलेज प्रोजेक्ट अब प्रशासनिक उदासीनता, भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्यों का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद 8 वर्षों बाद भी 28 गांवों के ग्रामीणों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण पूरी योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के गांवों में घर-घर नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाना था, लेकिन आज भी अधिकांश गांव पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा पड़ा है, तो कहीं पाइपलाइन फूट चुकी है। जिन स्थानों पर कार्य पूरा बताया जा रहा है, वहां भी नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में योजना पूरी दिखाकर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना में निर्माण कार्य बेहद घटिया स्तर का किया गया है। कई गांवों में पानी की टंकियां अधूरी पड़ी हैं। कहीं पेंटिंग नहीं हुई तो कहीं सुरक्षा के लिए गेट और बाउंड्रीवाल तक नहीं बनाई गई। कई स्थानों पर निर्माण सामग्री खुले में पड़ी खराब हो रही है, जिससे साफ जाहिर होता है कि कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब करोड़ों रुपये के बिल पास हो चुके हैं, तो फिर आज तक WTP परिसर में सड़क निर्माण और कार्यालय भवन का कार्य पूरा क्यों नहीं हो पाया। मौके की स्थिति देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि केवल फाइलों में विकास दिखाकर राशि का बंदरबांट किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इंटरजेन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल सिंह अधिकांश समय परियोजना क्षेत्र से बाहर रहते हैं। मानपुर क्षेत्र में उनकी अनुपस्थिति के कारण परियोजना की निगरानी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दूर बैठकर केवल कागजी कार्रवाई के माध्यम से कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण अधूरा और अव्यवस्थित पड़ा है।
सूत्रों के अनुसार PIU विभाग और कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से वर्षों से यह खेल जारी है। बिना कार्य पूर्ण हुए भुगतान निकालना, अधूरे निर्माण को पूर्ण दर्शाना और गुणवत्ता विहीन कार्यों को नजरअंदाज करना अब इस परियोजना की पहचान बन चुकी है। लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि CM हेल्पलाइन में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी आज तक मौके पर निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। मानपुर मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर स्थित परियोजना स्थल की बदहाल स्थिति देखने की जहमत तक अधिकारियों ने नहीं उठाई। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस परियोजना की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो जल जीवन मिशन की यह योजना आने वाले समय में जिले की सबसे बड़ी विफल परियोजनाओं में गिनी जाएगी। आज भी गांवों की महिलाएं दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में हर घर जल पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं।

अजय पाल

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