पेयजल, सुरक्षा, ई-लाइब्रेरी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग

​जिला संयोजक अमन त्रिपाठी बोले— विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर वातावरण मिलना जरूरी

​शहडोल।-शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मूलभूत एवं शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव में हो रही परेशानियों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) शहडोल ने मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है।
​एबीवीपी जिला संयोजक अमन त्रिपाठी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शासकीय महाविद्यालय उच्च शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास के प्रमुख केंद्र हैं, लेकिन वर्तमान में छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए परिसर में सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण का होना अत्यंत आवश्यक है।

ज्ञापन में शामिल प्रमुख 17 मांगें:

​शुद्ध पेयजल व्यवस्था: सभी प्रमुख स्थानों पर आरओ और वाटर कूलर की तत्काल मरम्मत कराकर पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था हो।
​शौचालय व स्वच्छता: छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग व डिस्पोजल मशीन की उपलब्धता।
​कक्षाओं का सुदृढ़ीकरण: पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, लाइट, खिड़कियां तथा खराब विद्युत उपकरणों की मरम्मत/बदलाव।
​पुस्तकालय व ई-लाइब्रेरी: प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, पर्याप्त बैठक व्यवस्था और ई-लाइब्रेरी की स्थापना।
​प्रयोगशाला उन्नयन: विषयवार आधुनिक उपकरण, सामग्री व सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना।
​खेल सुविधाएं: खेल मैदानों को व्यवस्थित कर खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
​हरित व स्वच्छ परिसर: नियमित साफ-सफाई, कूड़ेदान, प्लास्टिक-मुक्त परिसर और सघन पौधारोपण।
​विश्राम व्यवस्था: छात्रों के बैठने हेतु शेड व पर्याप्त बेंच का निर्माण।
​सुरक्षा व बाउंड्रीवॉल: सीसीटीवी कैमरे, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का निर्माण और असामाजिक तत्वों पर सख्त रोक।
​सुरक्षित पार्किंग: साइकिल और दोपहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था।
​इंटरनेट व डिजिटल सुविधा: शैक्षणिक उपयोग हेतु परिसर में वाई-फाई (Wi-Fi) की सुविधा।
​दिव्यांगजन सुविधाएं: रैंप निर्माण एवं सुगम प्रवेश मार्ग की व्यवस्था।
​प्राथमिक उपचार (First Aid): प्राथमिक उपचार कक्ष व जरूरी दवाइयों की उपलब्धता।
​विद्यार्थी सहायता केंद्र: प्रवेश, छात्रवृत्ति व परीक्षा संबंधी समस्याओं के लिए जवाबदेह हेल्पडेस्क।
​छात्राओं हेतु कॉमन रूम: छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कॉमन रूम की व्यवस्था।
​कैंटीन सुविधा: रियायती दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के लिए कैंटीन का संचालन।
​विवेकानंद करियर सेल: रोजगार व कौशल मार्गदर्शन देने वाली निष्क्रिय पड़ी करियर सेल को पूर्ण क्षमता से सक्रिय करना।
​त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
​विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान ले तथा जिन कार्यों के लिए बजट या उच्च स्तरीय स्वीकृति आवश्यक है, उनके प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजे जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों की इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो परिषद विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगी

अजय पाल

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