डिंडौरी मध्यप्रदेश 

रिपोर्ट अखिलेश झारिया

शहपुरा (डिंडौरी)। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत मरवारी में लगभग 9 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सीसी रोड गुणवत्ता को लेकर विवादों में आ गई है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच एवं निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार पर मिलीभगत कर तकनीकी मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया निर्माण कराने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने पर मीडिया टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जहां निर्माण कार्य जारी मिला। ग्रामीणों ने कई गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है।

 

निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप

 

ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट एवं विभागीय तकनीकी मानकों के विपरीत किया जा रहा है। उनका कहना है कि सीसी रोड निर्माण से पहले निर्धारित मानकों के अनुसार अर्थवर्क और मजबूत बेस तैयार किया जाना चाहिए तथा जहां प्रावधान हो, वहां पॉलीथीन (पन्नी) बिछाने के बाद ही सीमेंट-कंक्रीट की ढलाई की जाती है, ताकि सीमेंट का पानी जमीन में न समाए और सड़क को आवश्यक मजबूती मिल सके। लेकिन मौके पर बिना पन्नी बिछाए सीधे ढलाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।

 

कमजोर बेस पर सड़क निर्माण का आरोप

 

ग्रामीणों के अनुसार सड़क में पर्याप्त बेस तैयार करने के बजाय लगभग एक इंच का बेस बनाकर सीधे गिट्टी डाल दी गई और उसके ऊपर कंक्रीट की ढलाई की जा रही थी। उनका कहना है कि यदि निर्माण वास्तव में एस्टीमेट के विपरीत किया जा रहा है तो सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होगी और कुछ ही समय में उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी।

 

फ्यूरी मशीन से निर्माण, मजदूरों के रोजगार पर भी सवाल

 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर के इस निर्माण कार्य में फ्यूरी (कंक्रीट पेवर) मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्थानीय मजदूरों को मिलने वाले रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि पूरा निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा मशीनों के माध्यम से कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग स्पष्ट करे कि मशीन का उपयोग स्वीकृत एस्टीमेट, निविदा शर्तों एवं विभागीय नियमों के अनुरूप है या नहीं।

 

निर्माण स्थल पर नहीं मिला कोई जिम्मेदार अधिकारी

 

मीडिया टीम के निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक, उपयंत्री अथवा अन्य कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा निर्माण कार्य ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया गया है और गुणवत्ता की निगरानी करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं था।

 

जांच तक निर्माण कार्य और भुगतान रोकने की मांग

 

ग्रामीणों ने मांग की है कि शिकायतों की निष्पक्ष तकनीकी जांच होने तक निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए। उन्होंने वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों से स्वीकृत एस्टीमेट, माप पुस्तिका (एमबी), सड़क की मोटाई, बेस की गुणवत्ता, पॉलीथीन के उपयोग, निर्माण सामग्री तथा फ्यूरी मशीन से कराए जा रहे निर्माण की जांच कराने की मांग की है।

 

साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य का भुगतान भी तत्काल रोका जाए। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित ठेकेदार, पंचायत सचिव, सरपंच एवं निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

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