भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ का बड़ा ऐलान: देवेश तिवारी बने युवा पत्रकारों के ‘आइकन’
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सक्रिय पत्रकारिता में एक नया अध्याय जोड़ते हुए भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ ने निर्भीक पत्रकार देवेश तिवारी को युवा पीढ़ी के लिए ‘आइकन’ घोषित किया है। संघ ने यह निर्णय देवेश तिवारी के निरंतर संघर्ष, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और जनहित के मुद्दों पर उनकी अडिग निष्ठा को देखते हुए लिया है।
सत्ता और भू-माफियाओं के खिलाफ साहस की मिसाल
संघ के प्रदेश अध्यक्ष गंगेश कुमार द्विवेदी ने घोषणा के दौरान कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय में, जहाँ पत्रकारों पर दबाव और प्रलोभन हावी हैं, देवेश तिवारी ने सत्ता और भू-माफिया जैसे प्रभावशाली वर्गों के खिलाफ खड़े होकर मिसाल पेश की है।
BSPS के प्रदेश अध्यक्ष श्री गंगेश द्विवेदी जी ने कहा कि
“पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। देवेश ने कम समय में यह साबित कर दिया है कि अगर आपके पास तथ्य और प्रमाण हैं, तो किसी भी ताकत से डरने की जरूरत नहीं है।”
जनपक्षीय पत्रकारिता को मिलेगा निरंतर प्रोत्साहन
संघ ने स्पष्ट किया कि संगठन भविष्य में भी उन पत्रकारों को सम्मानित और प्रोत्साहित करता रहेगा जो समाज के कमजोर वर्गों की आवाज बनते हैं। इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ पत्रकार और पदाधिकारी उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:
कौशल स्वर्णबेर (प्रदेश उपाध्यक्ष), सतीश पांडे (प्रदेश कोषाध्यक्ष)
पराग मिश्रा (समन्वयक), जावेद अली ज़ैदी (प्रदेश सचिव)
वरिष्ठ पत्रकार मनीष बोरा, सुखनंदन बंजारे, प्रशांत दुबे एवं अन्य गणमान्य सदस्य।
“अपनों के बीच सम्मान पाना गर्व की बात”: देवेश तिवारी
सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ पत्रकार देवेश तिवारी ने विनम्रतापूर्वक कहा कि वह केवल अपने वरिष्ठों से सीखी गई बातों का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया के वर्तमान परिदृश्य पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़े संस्थानों के पत्रकारों की अपनी सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन जिन्हें भी अवसर मिले, उन्हें जनपक्षीय पत्रकारिता को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ: पुलिसवाला न्यूज़







