शहडोल -भारतीय किसान संघ, महाकौशल प्रांत (जिला शहडोल) द्वारा किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। संगठन ने कृषि, सिंचाई, विद्युत और राजस्व से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की है।
प्रमुख माँगे और बिंदु:
फसल बीमा और समर्थन मूल्य: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दामा राशि भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों (धान, मक्का, ज्वार, बाजरा) की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी का पंजीयन शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की गई है।
खाद और उर्वरक की उपलब्धता: पिछले दो महीनों में रासायनिक उर्वरकों की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा एन.पी.के. खाद पर डी.ए.पी. की तर्ज पर सब्सिडी दिए जाने की मांग उठाई गई है।
कृषि यंत्र एवं जीएसटी: कृषि आदान और कृषि यंत्रों से जीएसटी को पूर्ण रूप से समाप्त करने तथा कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले यंत्रों, रसायनों व बीजों पर न्यूनतम जीएसटी दर लागू करने की मांग की गई है।
विद्युत संबंधी सुधार: बिजली से जुड़ी त्रुटियों के निपटारे हेतु संभाग स्तर पर किसान प्रतिनिधियों की समिति बनाने, जले हुए ट्रांसफार्मर 24 घंटे के भीतर बदलने तथा कृषि क्षेत्र को सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति देने की बात कही गई है।
राजस्व एवं अन्य मांगें: रजिस्ट्री होते ही नामांतरित दस्तावेज क्रेता को उपलब्ध कराने, फौती नामंतरण के लिए समय-सीमा तय करने तथा भूमि अधिग्रहण के मामलों में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन समस्याओं पर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, जिस पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अजय पाल
