चंदेरी- सावन के पवित्र महीने के तीसरे सोमवार को क्षेत्र में अपूर्व आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। अखंड भारत समिति के तत्वावधान में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कांवड़ियों ने कुर्वासा आश्रम से पवित्र कावड़ में जल लाकर गिलऊआ ताल वाले प्राचीन भोलेनाथ का विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक किया। समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बसों का विशेष प्रबंध किया गया था। सुबह के समय नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवाओं को बसों के माध्यम से पवित्र कुरवासा धाम पहुंचाया गया। धाम पहुंचते ही पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।कुर्वासा धाम पहुंचने के बाद सभी कांवड़ियों ने पूर्ण श्रद्धा भाव के साथ पवित्र नदी का जल अपनी-अपनी कांवड़ों में भरा। इसके पश्चात विशाल पैदल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा मार्ग में बज रहे शिव भजनों और डीजे की सुमधुर धुनों पर झूमते-गाते, नाचते हुए शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। केसरिया रंग के वस्त्रों में सजे कांवड़ियों के सैलाब ने पूरे मार्ग को शिवमय कर दिया। तपती धूप और थकान के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति का अनूठा तेज चमक रहा था।दिनभर पैदल यात्रा करने के बाद, शाम के समय कांवड़ यात्रा ने चंदेरी नगर की सीमा में प्रवेश किया। नगर आगमन पर जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शरबत और फलहार की व्यवस्था भी की गई थी।कांवड़ यात्रा अपने अंतिम गंतव्य गिलऊआ ताल वाले भोलेनाथ मंदिर पहुंची। यहाँ अखंड भारत समिति के पदाधिकारियों और विद्वान पंडितों की उपस्थिति में कांवड़ियों द्वारा लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का भव्य अभिषेक और विशेष श्रृंगार किया गया। महाआरती के बाद उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच विशाल भंडारे का आयोजन कर प्रसादी का वितरण किया गया। समिति के सदस्यों ने इस पूरी यात्रा को सफल और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सभी नगरवासियों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
पत्रकार सैयद आबिद हाशमी चंदेरी

