बिलासपुर।

cIMS अस्पताल में चल रहे *सर्पदंश फर्जीवाड़े* के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। *हीरा खांडे के आपराधिक गिरोह* को जानकारी देने वाले *SIMS पुलिस चौकी में पदस्थ 2 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार* किया गया है।

 

गिरफ्तार पुलिसकर्मी

1. *रामकुमार पाटनवार* पिता स्व. देवनारायण पाटनवार, उम्र 40 वर्ष, निवासी बंधवा पारा सरकंडा

2. *रामेश्वर भास्कर* पिता स्व. अंजोर दास भास्कर, उम्र 53 वर्ष, निवासी सतनाम नगर अमेरी

 

 

 

कैसे चलता था पूरा रैकेट

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ये दोनों पुलिसकर्मी *हीरा खांडे गिरोह* के सदस्य थे। इनका काम था:

 

1. जब भी cIMS में कोई *डेड बॉडी* आती थी, तो तुरंत गिरोह के सदस्य *महेन्द्र मनहर* को सूचना देना कि “एक शव आया है, परिजन आए हैं, इनको मिलकर समझा दो”

2. इसके बाद महेन्द्र मनहर अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिवार वालों को *रुपयों और मुआवजे का लालच* देता था

3. परिवार वालों को इस बात के लिए तैयार करता था कि वे कहें कि मौत *सर्पदंश* से हुई है, भले ही मौत किसी और कारण से हुई हो

4. लालच में आकर परिवार वाले मान जाते थे और शासन के *आपदा कोष* से मिलने वाली राशि का कुछ हिस्सा गिरोह को दे देते थे। इस तरह वे भी इस कारनामे में शामिल हो जाते थे

 

इन पुलिसकर्मियों को सूचना देने और मृतक के परिवार वालों को तैयार करने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

 

आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि *कल दोनों को न्यायालय में रिमांड पर लेकर पूछताछ* की जाएगी। गिरोह के मास्टरमाइंड हीरा खांडे और महेन्द्र मनहर की तलाश भी जारी है।

 

 

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