बिलासपुर के मस्तूरी गोलीकांड में गिरफ्तार आरोपियों की कथित रसूखदारी का खुलासा, जेल से वायरल हुआ वीडियो

बिलासपुर के मस्तूरी गोलीकांड में गिरफ्तार आरोपियो की कहानी अब सिर्फ जेल तक सीमित नहीं रह गई है। सलाखों के पीछे बंद आरोपियों की कथित ‘रसूखदारी’ का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के भीतर से टेलीफोन मुलाकात का वीडियो बनवाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराया जाना इस पूरे मामले को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले गया है।
इस वायरल वीडियो में आरोपि समर्थकों से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। अंदाज ऐसा मानो वे जेल में नहीं, बल्कि किसी सुरक्षित ठिकाने से अपने नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हों। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
1 | मस्तूरी गोलीकांड: गिरफ्तारी के बाद भी ‘नेटवर्क एक्टिव’
मस्तूरी का चर्चित गोलीकांड पहले ही राजनीतिक और आपराधिक वजहों से सुर्खियों में रहा है। इस मामले में कांग्रेस नेता अकबर खान और युवा कांग्रेस नेता विश्वजीत अनंत सहित कुल 11 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस की कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि मामला ठंडा पड़ेगा, लेकिन अब वायरल वीडियो ने कहानी पलट दी है। आरोपियो का यह कथित वीडियो यह संकेत दे रहा है कि जेल के भीतर से भी उनका नेटवर्क सक्रिय है।
वीडियो में आरोपित समर्थकों से संवाद करते दिख रहे हैं
सोशल मीडिया पर इसे सुनियोजित तरीके से फैलाया गया
इलाके में गवाहों और शिकायतकर्ताओं के बीच डर का माहौल
इसी केस में एक आरोपि की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है, जबकि मुख्य चेहरे नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
जेल के अंदर मोबाइल: नियमों के बीच ‘गुप्त नेटवर्क’ की आशंका
जेल नियमों के मुताबिक, अंदर मोबाइल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में:
वीडियो कैसे बना?
किस डिवाइस से रिकॉर्डिंग हुई?
बाहर तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही?
यह पूरा घटनाक्रम एक संगठित साजिश की ओर इशारा करता है। जानकार मानते हैं कि यह केवल दिखावा नहीं, बल्कि ‘मैसेजिंग ऑपरेशन’ है — जिसका मकसद गवाहों और विरोधियों पर मानसिक दबाव बनाना हो सकता है।

ब्यूरो चीफ शंकर अघिजा
क्राइम रिपोर्टर राजा जनक्यानी

Leave A Reply

Exit mobile version