कटनी | जिला कटनी की जनपद पंचायत बहोरीबंद से प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर अनियमितता का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के कार्यसंचालन, पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।विकास कार्यों और कागजी पत्राचार के नाम पर पंचायतों में चल रही ढर्रे की कार्यप्रणाली का यह प्रत्यक्ष नमूना है। जनपद पंचायत बहोरीबंद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिंदुरसी के विकास कार्यों के बिल-वाउचर, शासकीय फाइलों में ग्राम पंचायत बुधनवारा के खातों में सलग्न कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, इन बिलों पर स्वीकृतियां और हस्ताक्षर किसी अन्य पंचायत प्रतिनिधि के दर्शाए गए हैं। सफाई, निर्माण कार्य और पंचायत निधि के उपयोग के नाम पर हुए इस अजूबे संयोजन ने जनपद कार्यालय से लेकर जिला प्रशासनिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। प्राप्त जानकारी और उजागर हुए शासकीय दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत सिंदुरसी में कराए गए विकास व रखरखाव कार्यों के बिल कागजों में दर्ज किए जाने थे। लेकिन वित्तीय स्वीकृतियों और भुगतान की प्रक्रिया के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ।


पंचायत कोई और बिल लग गए कही और
सिंदुरसी पंचायत की सामग्री खरीद के भुगतान संबंधी बिलों को सीधे ग्राम पंचायत बुधनवारा की वित्तीय फाइलों में लगा दिया गया। बिलों के सत्यापन और स्वीकृति स्थान पर न तो सिंदुरसी के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के वैध हस्ताक्षर मिले और न ही बुधनवारा के। किसी तीसरे ही व्यक्ति सरपंच के नाम पर हस्ताक्षर और मोहर लगाकर इन फाइलों को पास कराने की कवायद की गई।
शासकीय व्यवस्था की पोल खोलता घालमेल
पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत का अपना पृथक बैंक खाता, आहरण एवं संवितरण अधिकार , और 15वें वित्त आयोग या मनरेगा आदि का स्वतंत्र बजट होता है। एक पंचायत का बिल दूसरी पंचायत की फाइल में संलग्न होना और उस पर किसी गैर-संबंधित प्रतिनिधि के हस्ताक्षर होना केवल एक “लिपिकीय त्रुटि” नहीं मानी जा सकती। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध जनों का स्पष्ट आरोप है कि यह सोची-समझी वित्तीय हेराफेरी और फर्जीवाड़े का संकेत है।ग्राम पंचायत सिंदुरसी और बुधनवारा, दोनों ही क्षेत्रों के निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।
कैसे खुला कागजी फर्जीवाड़े का राज
बताया जा रहा है कि जब वित्तीय वर्ष के लेखा परीक्षण और जनपद स्तर पर खातों के मिलान की प्रक्रिया शुरू हुई, तब सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई की बिल ग्राम पंचायत सिदुरसी का एवं लगाया गया ग्राम पंचायत बुधनवारा में ,जब बिलों पर लगी सील और हस्ताक्षर का मिलान किया गया दस्तखत किसी अन्य सरपंच के पाए गए, जिनका बुधनवारा या सिंदुरसी से कोई सीधा प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र नहीं बनता।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
बहोरीबंद जनपद पंचायत में यह कोई पहला मामला नहीं है जहां कागजी प्रक्रियाओं में इतनी बड़ी लापरवाही देखी गई हो। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं जनपद पंचायत के लेखापाल और सचिव की नजरों से इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे छूट गई क्या बिल अपलोड करते समय ऑनलाइन पोर्टल पर भी यह धांधली हुई है? क्या शासकीय राशि का आहरण बिना सही सत्यापन के कर लिया गया था, या समय रहते मामला पकड़ में आया?
उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
मामला उजागर होने के बाद बहोरीबंद जनपद पंचायत के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर कटनी से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन बहोरीबंद जनपद के संबंधित क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर, तत्कालीन पंचायत सचिव और उप-यंत्री की भूमिका की गहनता से जांच की जाए। ग्राम पंचायत बुधनवारा के पिछले दो वर्षों के सभी वित्तीय आहरणों का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए। यदि जांच में जानबूझकर फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो दोषी कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज किया जाए।

✍️ पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से संभाग ब्यूरो पारस गुप्ता की रिपोर्ट

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