कटनी

 

बहोरीबंद। क्षेत्र में इन दिनों बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके सड़क पर आने से राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। सड़क किनारे बंदरों को कुछ लोगों द्वारा खाना डालने के कारण बड़ी संख्या में बंदर एकत्रित हो जाते हैं। इसके बाद जब कोई राहगीर या दोपहिया वाहन चालक वहां से गुजरता है तो बंदर अचानक उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं। ऐसे में वाहन चालक घबराकर अचानक ब्रेक लगाने या वाहन की दिशा बदलने के लिए मजबूर हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

 

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे बंदरों को भोजन डालने की वजह से उनकी आवाजाही लगातार उसी क्षेत्र में बनी रहती है। भोजन की तलाश में बंदर सड़क के बीच तक पहुंच जाते हैं और आने-जाने वाले वाहनों के सामने अचानक आ जाते हैं। कई बार बंदरों के झुंड को देखकर राहगीर अपना वाहन रोक देते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने की आशंका भी बनी रहती है।

 

बच्चों और बुजुर्गों के लिए अधिक खतरा

 

बंदरों के अचानक दौड़ने से सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को होती है। राहगीरों का कहना है कि बंदरों के व्यवहार का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। वे कभी सड़क किनारे बैठे रहते हैं तो कभी अचानक राहगीर की तरफ दौड़ पड़ते हैं। ऐसे में लोग डर के कारण रास्ता बदलने या तेज गति से आगे निकलने का प्रयास करते हैं।

 

वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल

 

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बंदरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित वन अमले द्वारा इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया‌ तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग एवं प्रशासन से मांग की है की समस्या वाले स्थान का निरीक्षण कर बंदरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाई जाएं साथ ही सड़क किनारे बंदरों को भोजन डालने वाले लोगों को भी समझाएं दी जाएं। ‌ताकि बंदरों का जमावड़ा सड़क पर ना हो ।

 

जागरूकता की जरूरत

 

क्षेत्र वासियों का कहना है कि केवल वन विभाग की कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा ।लोगों को भी यह समझना होगा कि सड़क किनारे बंदरों को लगातार भोजन उपलब्ध कराने से ‌वे उसी स्थान पर जमा होते हैं। और मानव बस्तियां एवं सड़कों पर उनकी निर्भरता बढ़ती है ।इसलिए प्रशासन और वन विभाग को जागरूकता अभियान चलाकर लोगों से सड़क किनारे बंदरों को भोजन नहीं डालने की अपील करनी चाहिए।

राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए और बंदरों की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए ताकि आम लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके ।

 

पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट

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