​शहडोल। -जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम पंचायत पोड़ी के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार तिवारी के तबादले, संशोधित आदेश के पालन तथा स्थानांतरण के पश्चात किए गए ₹13 लाख रुपये के वित्तीय आहरण की निष्पक्ष जांच कराने को लेकर जिलाधिकारी (कलेक्टर) को आवेदन सौंपा है।
​ग्रामीणों के अनुसार, जिला पंचायत शहडोल द्वारा 16 जून 2026 को (पत्र क्रमांक 1098555) जारी आदेश के तहत सचिव शैलेंद्र कुमार तिवारी का स्थानांतरण ग्राम पंचायत पोड़ी से अन्यत्र कर दिया गया था। इसके बाद 15 जुलाई 2026 को (पत्र क्रमांक 2255) संशोधित आदेश जारी कर उनका तबादला ग्राम पंचायत बरहट किया गया, जो उनके निवास स्थान से मात्र 2 किलोमीटर दूर है।
​ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद सचिव शैलेंद्र कुमार तिवारी पोड़ी पंचायत में ही कार्य करते रहे और पंचायत खाते से लगभग ₹13 लाख की राशि का वित्तीय आहरण एवं भुगतान किया। ग्रामीणों ने प्रश्न उठाया है कि स्थानांतरण प्रभावी होने के बाद सचिव ने किस अधिकार और सक्षम अधिकारी की अनुमति से यह वित्तीय कार्रवाई की।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

स्थानांतरण आदेश का पालन: 15 जुलाई 2026 के संशोधित स्थानांतरण आदेश का तत्काल और पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
अतिरिक्त प्रभार न देने की मांग: सचिव शैलेंद्र कुमार तिवारी को ग्राम पंचायत पोड़ी का अतिरिक्त प्रभार या किसी भी प्रकार का प्रशासनिक दायित्व पुन: न दिया जाए।
वित्तीय आहरण की निष्पक्ष जांच: 16 जून 2026 के स्थानांतरण आदेश के बाद किए गए ₹13 लाख के आहरण व भुगतानों की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
पूर्व शिकायतों की समीक्षा: पूर्व में ग्रामवासियों द्वारा समय-समय पर की गई शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सचिव बीते 13 वर्षों से एक ही पंचायत (पोड़ी) में पदस्थ हैं, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समयसीमा के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सक्षम प्राधिकारी एवं न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।

अजय पाल

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