कटनी
पेंगोलिन तस्करी के चारा आरोपियों को 3-3 वर्ष का कठोर कारावास
न्यायिक मजिस्टेÑट ढीमरखेड़ा की अदालत ने सुनाया फैसला, आरोपियों पर 2 लाख का जुर्माना
, ढीमरखेड़ा। न्यायिक मजिस्टेÑट प्रथम श्रेणी ढीमरखेडा पूर्वी तिवारी की अदालत ने वन्य प्राणी पेंगोलिन के शिकार और तस्करी के मामले शामिल चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा कुल दो लाख रुपये के जुमार्ने से दंडित किया गया है। खास बात यह है कि बीएनएसएस कानून और वर्ल्ड लाईफ एक्ट आने के बाद यह फैसला है जिसमें आरोपियों को कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है। पेंगोलिन की तस्करी में शामिल दो आरोपी कंछेदी और प्रेमचंद को जमानत का लाभ प्रदान नहीं किया गया है, घटना दिनांक से ही आरोपी जेल में बंद है। आरोपियों के द्वारा दो बार पूर्व में भी हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी जिसमें माननीय न्यायालय के द्वारा निरस्त कर दिया गया था। एडीपीओ विनोद सिंह लोधी ने बताया कि कुंडम परियोजना मंडल के परियोजना परिक्षेत्र रामपुर अंतर्गत अमराडांड बीट के कक्ष क्रमांक 463 (वृत्त खमतरा) में 21 अगस्त 2024 को दोपहर करीब ढाई बजे कंछेदी पिता प्रेमचंद बैगा (28 वर्ष) और प्रेमचंद पिता विश्राम बैगा (62 वर्ष) निवासी अमराडांड थाना बड़वारा, सूरज पिता चंद्रभान गौंड (44 वर्ष) निवासी रोझन थाना ढीमरखेड़ा तथा जगन पिता जुगराज गौंड (45 वर्ष) निवासी टिकरिया थाना स्लीमनाबाद ने मिलकर पेंगोलिन का शिकार किया था। आरोपी वन्यप्राणी को धातु की हांडी में रखकर जंगल के रास्ते ले जा रहे थे, तभी सूचना मिलने पर वन विकास निगम की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक मंजुला श्रीवास्तव एवं एडीपीओ विनोद सिंह लोधी ने पैरवी की। न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने सभी चार आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और कुल दो लाख रुपये का जुमार्ना सुनाया।
रिपोर्ट जितेंद्र मिश्रा

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