डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

सुरजपुरा का मामला; 25 हजार रुपये गलत खाते में जाने का आरोप, सचिव पर टालमटोल करने की शिकायत लेकर जनपद सीईओ के पास पहुंची हितग्राही

मेहदवानी/डिंडौरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास की पहली किस्त हितग्राही के खाते में पहुंचने के बजाय कथित रूप से गांव की ही दूसरी महिला के बैंक खाते में चले जाने का मामला सामने आया है। अपनी 25 हजार रुपये की किस्त पाने के लिए ग्राम सुरजपुरा की हितग्राही पिछले एक माह से अधिक समय से पंचायत और जनपद स्तर पर चक्कर लगा रही है। समस्या का निराकरण नहीं होने पर अब महिला ने जनपद पंचायत मेहदवानी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन सौंपकर मामले की जांच और राशि सही बैंक खाते में ट्रांसफर कराने की मांग की है।

जनपद पंचायत मेहदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरजपुरा निवासी यशोदाबाई पति जगतलाल ने अपने आवेदन में बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ है। योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 25 हजार रुपये जारी किए गए, लेकिन यह राशि उनके बैंक खाते में नहीं पहुंची।

एक जैसे नाम से हुई गड़बड़ी का आरोप

हितग्राही का आरोप है कि ग्राम पंचायत में यशोदा नाम की एक अन्य महिला होने के कारण राशि गलती से यशोदाबाई पति करुणादास के बैंक खाते में चली गई। जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके सभी दस्तावेजों में पति का नाम जगतलाल दर्ज है। ऐसे में योजना की राशि दूसरे खाते में कैसे पहुंची, इसे लेकर उन्होंने जांच की मांग की है।

राशि नहीं मिलने की जानकारी के बाद यशोदाबाई ने ग्राम पंचायत सचिव से संपर्क किया। महिला का आरोप है कि वह पिछले एक माह से अधिक समय से समस्या लेकर सचिव के पास जा रही है, लेकिन हर बार उसे टालमटोल कर वापस भेज दिया जाता है और अब तक त्रुटि नहीं सुधारी गई।

बैंक भी पहुंची हितग्राही, फिर भी नहीं निकला समाधान

महिला के आवेदन के मुताबिक पंचायत स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने के बाद उसने संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक से भी संपर्क किया। आवेदन में बैंक प्रबंधक के हवाले से दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया की जा सकती है, लेकिन पंचायत स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण मामला लंबित बना हुआ है।

अब यशोदाबाई ने जनपद पंचायत मेहदवानी के सीईओ से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त के रूप में जारी 25 हजार रुपये की राशि में हुई कथित त्रुटि को सुधारकर रकम उसके सही बैंक खाते में उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

किस्त अटकी तो आवास निर्माण पर भी असर

प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त ही हितग्राही तक नहीं पहुंचने से आवास निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सवाल यह भी है कि हितग्राही के दस्तावेजों में पति का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद राशि दूसरे खाते में किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में पहुंची। फिलहाल यह शिकायत महिला की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गड़बड़ी कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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