शहडोल – मुसीबत के वक्त जो देवदूत बनकर सामने आए, वही सच्चा जनसेवक है। बलपुरवा-कुदरी रोड क्षेत्र में जब एक 14 वर्षीय मासूम बच्ची के सिर से उसकी माँ का साया हमेशा के लिए उठ गया, तो उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। पिता को पहले ही खो चुकी यह बच्ची अपनी माँ के शव के पास बिल्कुल अकेली और बेबस बैठी थी। ऐसी हृदय विदारक घड़ी में क्षेत्र के लोकप्रिय और संवेदनशील पार्षद सिल्लू रजक मसीहा बनकर सामने आए।

घटना की भनक लगते ही पार्षद सिल्लू रजक ने बिना देर किए मोर्चा संभाला। उन्होंने न सिर्फ बच्ची को ढांढस बंधाया, बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए पूरी गरिमा के साथ महिला के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई।

टीम के साथ निभाई मानवता की रीत

पार्षद सिल्लू रजक के इस मानवीय कार्य में वरिष्ठ समाजसेवी रंजीत बसाक और नंदी गौ सेवा धाम के सदस्यों का मजबूत साथ मिला। विकास जोतवानी, विशाल गुप्ता, शिवम चौधरी, करण कुंडे, आशु चौधरी, नितिन सूरी, प्रिंस सिंह, शंकर गुप्ता, संतोष सिंह और निखिल चौधरी जैसे जागरूक साथियों को साथ लेकर सिल्लू रजक ने श्मशान घाट तक की सभी व्यवस्थाएं पूरी कीं और रोती-बिलखती बच्ची को संबल देकर उसकी माँ की मुखाग्नि दिलवाई।

भविष्य संवारने का लिया संकल्प

पार्षद सिल्लू रजक और उनके सहयोगियों के इस नेक दिल कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि नेता हो तो ऐसा, जो सिर्फ वोटों के लिए नहीं बल्कि जनता के दुख-दर्द में चौबीसों घंटे खड़ा रहे। सिल्लू रजक ने प्रशासन और समाज से अपील की है कि इस अनाथ बच्ची की पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी के लिए सब आगे आएं।

अजय पाल

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