
रायपुर। राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर यातायात पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “सुरक्षित विद्यार्थी – सुरक्षित भविष्य” विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यातायात एवं प्रोटोकॉल DCP डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में जारी इस अभियान के तहत नाबालिग वाहन चालकों और उनके परिजनों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस ने शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 196 नाबालिग चालकों को चिन्हित किया है, जिनमें 30 जुलाई को की गई 29 नई कार्रवाइयां शामिल हैं।

अभियान के अंतर्गत पकड़े गए नाबालिग बच्चों के अभिभावकों को यातायात मुख्यालय बुलाकर विशेष काउंसलिंग दी जा रही है। काउंसलिंग सत्र के दौरान ACP श्रीमती सीमा अहिरवार ने परिजनों को समझाते हुए कहा कि कम उम्र में बच्चों को वाहन सौंपना उनके जीवन और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा के साथ बड़ा जोखिम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चे भले ही गाड़ियाँ चलाना सीख जाएं, लेकिन उनमें सड़क पर सही निर्णय लेने वाली परिपक्वता (Road Maturity) की कमी होती है। मोटरयान अधिनियम के कड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए उन्होंने पालकों से अपील की कि वे बच्चों को खुद गाड़ियाँ देने के बजाय स्कूल बस, सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
यातायात पुलिस कमिश्नरेट ने यह साफ किया है कि इस पूरी मुहिम का उद्देश्य दंड देना या चालान काटना नहीं, बल्कि बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। पुलिस प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों को केवल कानून न मानकर अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं, ताकि रायपुर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़






