डिंडौरी मध्यप्रदेश
एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा मुरूम परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर, डंपर और जेसीबी मशीन को किया गया था जप्त
शहपुरा/डिंडौरी। डिंडौरी जिले के शहपुरा तहसील परिसर में सोमवार को उस समय राजनीतिक माहौल गर्मा गया, जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल अग्रवाल प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। उन्होंने तहसीलदार पर मनमानी, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई और प्रताड़ना के आरोप लगाए। मामला मुरूम खदान से जुड़े विवाद और वाहनों की जब्ती कार्रवाई को लेकर बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा मुरूम परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर, डंपर और जेसीबी मशीन को जप्त किया गया था। इसी कार्रवाई के विरोध में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कमल अग्रवाल समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंच गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने के दौरान कमल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए बिना उचित कारण वाहनों को जब्त किया गया है। उनका कहना था कि संबंधित मुरूम खदान आवंटित है और वहां नियमानुसार मुरूम निकासी का कार्य किया जा रहा था। इसके बावजूद तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जिससे अनावश्यक विवाद की स्थिति निर्मित हुई।
धरना प्रदर्शन के चलते तहसील परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। बाद में शहपुरा एसडीएम द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद कमल अग्रवाल धरने से उठे, हालांकि उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है। हालांकि यह मामला अवैध उत्खनन, बिना रॉयल्टी परिवहन या अन्य राजस्व संबंधी अनियमितताओं से जुड़ा है या नहीं, इसका स्पष्ट खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर इसे प्रशासन और भाजपा नेताओं के बीच टकराव के रूप में भी देखा जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बनी हुई है।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
