उत्तर बस्तर कांकेर,
कांकेर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक अनुसंधान और सटीक साइबर इंटेलिजेंस की मदद से अंतरजिला स्तर पर मंदिरों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आभूषणों सहित लगभग शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरेन्द्र गुप्ता (उम्र 20 वर्ष, निवासी कोंडागांव) के रूप में हुई है, जिसे पुलिस टीम ने जगदलपुर से घेराबंदी कर दबोचा।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 9 जुलाई 2026 को ऐतिहासिक श्रीश्री बड़े शीतला माता मंदिर समिति के अध्यक्ष निपेन्द्र कुमार सिंह ठाकुर की रिपोर्ट पर थाना कांकेर में चोरी का मामला दर्ज किया गया था। मंदिर से चांदी का मुकुट, छत्र, सोने का मंगलसूत्र, नथ और दानपेटी से नकदी सहित कुल 2,47,000 रुपये के माल की चोरी हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू व एसडीओपी मोहसीन खान के मार्गदर्शन में साइबर सेल और थाने की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) श्री दिनेश कुमार सिन्हा के कुशल नेतृत्व में गठित टीम ने वैज्ञानिक तरीकों से घटनास्थलों का निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने कांकेर, कोण्डागांव, जगदलपुर और रायपुर के लगभग 350 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। डिजिटल ट्रेल और फील्ड इंटेलिजेंस के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में आरोपी हरेन्द्र गुप्ता ने स्वीकार किया कि वह बसों से घूमकर सुनसान मंदिरों की रेकी करता था और रात में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी ने कांकेर के शीतला माता मंदिर, शनि मंदिर, शिव मंदिर और बालाजी मंदिर के अलावा पूर्व में धमतरी के भखारा व कुरुद, तथा जगदलपुर के हनुमान मंदिर व राधा-कृष्ण मंदिर में भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। आरोपी रायपुर के सराफा बाजारों में आभूषण बेचने की फिराक में था, लेकिन वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के डर से वह माल नहीं बेच पाया और आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
इस पूरी सफल और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक यशवंत श्याम, जितेन्द्र साहू, उप निरीक्षक मनोरथ जोशी, सहायक उप निरीक्षक भकेष पटेल, पुरुषोत्तम कतलाम, प्रधान आरक्षक सचिन सोरी, छेदन सोनकर, नारद देवांगन तथा आरक्षक रामरतन निषाद, भूपेश कुमार नेताम, जितेंद्र कुमार नाग, कृष्णा केसरी, दिनेश ध्रुव, हिमेश्वर मण्डावी, छत्रेस जैन और ज्ञानचंद ठाकुर शामिल रहे। इसके साथ ही जगदलपुर साइबर टीम के उप निरीक्षक प्रमोद सिंह ठाकुर, अमित सिदार, प्रधान आरक्षक विनोद चाँदने और धर्मेंद्र कंवर ने भी इस अंतरजिला नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान दिया।।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़
