शाहडोल: जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ओ.पी.डी. बंद होने के बाद इलाज कराने पहुँची एक महिला मरीज के साथ संविदा डॉक्टरों द्वारा अभ्रदता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) शाहडोल को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
इलाज से इनकार और खाकी–खादी का रसूख
प्रार्थीया संध्या तिवारी (निवासी वार्ड क्र. 01, जयसिंहनगर) द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 05 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:30 से 6:00 बजे की है। पेट में तेज दर्द होने के कारण वह अस्पताल पहुँची थी, जहाँ ओ.पी.डी. का समय समाप्त होने का हवाला देकर संविदा चिकित्सक डॉ. आशुतोष मिश्रा और डॉ. पुष्पराज पटेल ने उसका इलाज करने से साफ इनकार कर दिया। जब पीड़िता ने दर्द से कराहते हुए इलाज का अनुरोध किया, तो दोनों डॉक्टरों ने कथित तौर पर बदसलूकी और गाली-गलौज शुरू कर दी।
शिकायत करने पर न्यायालय परिसर में बनाया गया निशाना
मामले की शिकायत 181 और मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (BMHO) से करने पर भड़के डॉक्टरों ने हदें पार कर दीं। पीड़िता का आरोप है कि जब वह न्यायालय परिसर में अपनी पेशी के सिलसिले में पहुँची, तो डॉ. आशुतोष मिश्रा और अन्य लोगों ने उसे घेर लिया। डॉक्टरों ने उसे धमकी दी कि “शिकायत वापस ले लो, वरना जान से मार देंगे और सारी वकालत निकाल देंगे।”
अस्पताल का कर्मचारी बना जासूस, वायरल किया वीडियो
हद तो तब हो गई जब जयसिंहनगर अस्पताल के ग्रुप-डी कर्मचारी नवीन मिश्रा पर यह गंभीर आरोप लगा कि उसने बिना अनुमति के न्यायालय परिसर के अंदर पीड़िता का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता का यह भी कहना है कि डॉक्टर आनंद प्रताप सिंह पटेल द्वारा यह वीडियो अन्य लोगों को भेजकर केस वापस लेने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक और कलेक्टर तक पहुँचा मामला
पीड़िता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक (IG) शहडोल जोन और जिला कलेक्टर शहडोल को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है।
अजय पाल
