डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
सरपंच ने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया साझा, शहपुरा जनपद की पंचायतों में कार्यालय बंद रहने की शिकायतों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
शहपुरा, डिंडौरी। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित करने के निर्देश हैं, लेकिन शहपुरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मरवारी में मंगलवार को ही पंचायत कार्यालय पर ताला लटका मिला। कार्यालय में सचिव की अनुपस्थिति की जानकारी सामने आने के बाद पंचायत स्तर पर जनसुनवाई की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह है कि पंचायत के सरपंच ने स्वयं वीडियो बनाकर इस स्थिति को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
जनसुनवाई का उद्देश्य ग्रामीणों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बार-बार जनपद पंचायत या जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए मंगलवार का दिन निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद यदि जनसुनवाई के दिन ही पंचायत कार्यालय बंद मिले, तो ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर आखिर किसके पास जाएं?
ग्राम पंचायत मरवारी में मंगलवार को कार्यालय पर ताला लगे होने और सचिव के मौजूद नहीं रहने की स्थिति सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। सरपंच द्वारा वीडियो साझा किए जाने से पंचायत कार्यालय के संचालन और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी जनसुनवाई के दिन पंचायत कार्यालय बंद रहने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी शिकायतें
शहपुरा जनपद क्षेत्र की पंचायतों में जनसुनवाई के दिन कार्यालय बंद मिलने और जिम्मेदार कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें पहले भी सामने आई हैं। ऐसे में मरवारी पंचायत का मामला केवल एक दिन की स्थिति तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि पंचायत स्तर पर जनसुनवाई के निर्देशों के पालन और उनकी निगरानी की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत दर्शाता है।
यदि निर्धारित समय में पंचायत कार्यालय नहीं खुलता और सचिव मौजूद नहीं रहते, तो ग्रामीणों को आवेदन देने, दस्तावेज संबंधी कार्य कराने तथा अन्य जरूरी समस्याओं के निराकरण के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है। इससे शासन की उस मंशा पर भी असर पड़ता है, जिसके तहत स्थानीय स्तर पर लोगों को सुविधाएं और त्वरित समाधान उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई गई है।
जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल
मरवारी पंचायत में सामने आई स्थिति के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मामले की जांच कराते हैं या नहीं। पंचायत कार्यालय बंद रहने के पीछे क्या कारण था, सचिव की अनुपस्थिति की वजह क्या रही और निर्धारित समय में जनसुनवाई क्यों नहीं हो सकी—इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
सवाल यह है कि जब जनसुनवाई के दिन ही पंचायत के दरवाजे बंद मिलेंगे, तो ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर कहां जाएंगे? अब निगाहें जनपद पंचायत के अधिकारियों पर हैं कि वे मामले का संज्ञान लेकर पंचायतों में निर्धारित समय पर कार्यालय संचालन और जनसुनवाई सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
इनका कहना है:-
“मरवारी पंचायत का मामला जानकारी में आया है। वहां के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करवाएंगे। नोटिस जारी कर जवाब लेंगे और जांच कराएंगे। यदि मामला सही पाया जाता है, तो संबंधित सचिव को निलंबित करेंगे।”
— दिव्यांशु चौधरी, सीईओ, जिला पंचायत डिंडौरी
