जंगल की खामोशी में चल रहा था जुए का खेल, उमरिया पुलिस की दबिश से टूटा अंतरजिला जुआ नेटवर्क
संवाददाता इनायत अहमद
उमरिया।
घने जंगल, रात का सन्नाटा और दूर-दराज़ इलाका, जुआरियों को लग रहा था कि कानून की नजर यहां तक नहीं पहुंचेगी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उमरिया पुलिस हर कदम पर नजर रखे हुए है। घुनघुटी क्षेत्र के कन्नाबहरा जंगल में लंबे समय से चल रहे बड़े जुआ रैकेट पर आखिरकार पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया।
उमरिया, अनूपपुर और शहडोल जिलों की सीमाओं पर सक्रिय यह गिरोह अब तक कई बार पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा था। जंगलों और सुनसान इलाकों को अपना सुरक्षित ठिकाना मानकर जुआ फड़ संचालित किया जा रहा था, जहां रोजाना लाखों रुपये का दांव लगाया जाता था। लेकिन इस बार किस्मत ने जुआरियों का साथ नहीं दिया।
पुलिस अधीक्षक उमरिया के स्पष्ट निर्देशों पर पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा और घुनघुटी चौकी में पदस्थ उप निरीक्षक शैलेंद्र चतुर्वेदी ने अपनी टीम के साथ पूरी रणनीति तैयार की। गुप्त सूचना के आधार पर कन्नाबहरा के जंगल में देर रात चारों ओर से घेराबंदी की गई। जैसे ही पुलिस ने दबिश दी, जंगल में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने मौके से 13 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कुछ जुआरी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि जंगलों में छिपकर अपराध करना अब आसान नहीं है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सामान मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि यहां कोई मामूली जुआ फड़ नहीं, बल्कि पूरी तरह संगठित रैकेट संचालित हो रहा था। मौके से 3 लाख 2 हजार रुपये नकद, 52 पट्टी (जुआ सामग्री) और 11 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। जब्त वाहनों और नगदी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि हर दिन भारी रकम का लेन-देन होता था।
गिरफ्तार आरोपियों में शहडोल, अमलाई और आसपास के क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। इनमें मनोज गोले, अंशुल मिश्रा, धीरज जायसवाल, अवधेश कुमार, उदय शर्मा, गिरीश सोनी, लल्ला सोनी, शिवम विश्वकर्मा और करुणेश पांडे सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने अन्य गिरफ्तार व फरार लोगों की जानकारी भी रिकॉर्ड में दर्ज कर ली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कन्नाबहरा जंगल में जुए की गतिविधियों की चर्चा पहले भी होती रही थी, लेकिन पहली बार इतनी बड़ी और सटीक कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई से न सिर्फ जुआ नेटवर्क को करारा झटका लगा है, बल्कि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच डर का माहौल भी बना है।
पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि सभी आरोपियों को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने यह संदेश साफ कर दिया है कि अपराध चाहे जंगल में छिपा हो, पुलिस की नजर से बच नहीं सकता।







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